Friday, May 8, 2015

काशीपुर तिराहा बना फिर से चौराहा - इनसाइड कवरेज टीम की कोशिश का असर

 हम आभारी हैं काशीपुर की जनता के जिनके प्रयास से आज काशीपुर के मेंन तिराहे को फिर से चौराहा बना दिया है.....जनता उस समय हर्ष से खुश हो गई जब काशीपुर एस डी एम पूरन सिंह राणा ने पोलीस टीम के साथ काशीपुर मैं चौराहे पर लगे बेरिकेटिंग को हटा कर फिर से चौराहा बना दिया है....जैसे के इनसाइड कवरेज ने आशा की थी चौराहे खुलते ही किसी और भी जाम नहीं लगा और 5 वजे से रात 8 वजे तक एक फिर वाहन जाम में भी नहीं फंसा......नागरिकों ने भी इस पर ख़ुशी जताई है...नागरिक बेशक इसका श्रेया हमें दे रहे हैं परन्तु सचाई यह है की काशीपुर की जनता का स्नेह हमें मिला और साथ भी और आशीर्वाद भी...यानि शुरुआत हो चुकी है....
हमारा नागरिकों से भी अनुरोध है की आप ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन न करें टीम इनसाइड कवरेज
आप सभी का  धन्यवाद

इनसा

Wednesday, April 22, 2015

सीओ सितारगंज, एसएसआई किच्छा, लालपुर चौकी इंचार्ज समेत एक उपनिरीक्षक खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज

महिला की हत्या मामले में लालपुर के पूर्व प्रधान के पुत्र की पुलिस हिरासत में मौत हो गई। इससे भड़के ग्रामीणों ने किच्छा विधायक राजेश शुक्ला और पूर्व विधायक तिलकराज बेहड़ के नेतृत्व में कोतवाली में धरना प्रदर्शन किया और आरोपी पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर जमकर हंगामा काटा। उनकी पुलिस से तीखी नोंकझोंक भी हुई। सूचना पर डीएम और एसएसपी मौके पर पहुंचे और आक्रोशित लोगाें का समझाने को प्रयास किया, लेकिन वे आरोपी पुलिस कर्मियों पर मुकदमा दर्ज कर उनकी गिरफ्तारी की मांग पर अड़े रहे। एसएसपी ने सीओ सितारगंज, एसएसआई किच्छा, लालपुर चौकी इंचार्ज समेत एक उपनिरीक्षक और अन्य पुलिस कर्मियों को निलंबित कर उनके खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया।


Tuesday, April 21, 2015

ब्रेकिंग न्यूज़

ब्रेकिंग न्यूज़
दिल्ली में खड़ी राजधानी में  आग लगी----कोई नुक्सान नहीं हुआ 

Thursday, April 2, 2015

अरुण चौहान को प्रदेश सचिव बनने पर दी बधाई

काशीपुर, आज वरिष्ठ नेता अरुण चौहान जी को प्रदेश सचिव बनने पर सभी
कांग्रेसी नेताओं और कार्यकर्ताओ ने बधाई दी। आज कोंग्रेस भवन में हुए
कार्यक्रम में सभी कोंग्रेसी नेता और कार्यकर्ता उपस्थित हुए। कार्यक्रम
में मुख्य अतिथि प्रदेश महासचिव अनुपम शर्मा सहित पूर्व सांसद के सी सिंह
बाबा, मनोज जोशी, मुकेश मेहरोत्रा, विनोद वात्सल्य, , महेंद्र शर्मा,
संजय चतुर्वेदी, ब्रह्मपाल सिंह, रहीस फारूकी, प्रीत बम्ब, लविश अरोरा, ,
मुशर्रफ हुसैन, रवि ढींगडा, जफ़र मुन्ना, शिवनंदन जी, पार्षद मित्तू
पाण्डेय, शुभम शर्मा, लक्ष्मी गर्ग, सचिन नाडिग, शोभित गुड़िया आदि अनेक
कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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Wednesday, April 24, 2013

Arushi Murder Case आरुषि-हेमराज को साथ देख राजेश तलवार के सिर पर सवार हुआ खून


गाजियाबाद [जागरण संवाददाता]। बेटी आरुषि और नौकर हेमराज की हत्या के मुख्य आरोपी डा. राजेश तलवार और नूपुर तलवार अब परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर घिरने लगे हैं। मामले के विवेचक व सीबीआइ के एएसपी एजीएल कौल ने कोर्ट में जोड़ी गई कड़ियों के हिसाब से पूरा घटनाक्रम बताया और कहा कि आरुषि व हेमराज को आपत्तिजनक स्थिति में देखने पर डा.राजेश तलवार ने गोल्फ स्टिक से वार कर हत्याकांड को अंजाम दिया।
सीबीआइ कोर्ट में जिरह के दौरान विशेष लोक अभियोजक आरके सैनी व बचाव पक्ष के अधिवक्ता सत्यकेतु सिंह में कुछ शब्दों को लेकर खूब नोकझोंक हुई। अदालत ने अगली सुनवाई के लिए 24 अप्रैल की तारीख निश्चित की है। मंगलवार को तलवार दंपती भी अदालत में पेश हुए। बचाव पक्ष से जिरह के दौरान एएसपी कौल ने कहा कि 15/ 16 मई, 2008 की रात घर में डा. राजेश तलवार, डा. नूपुर तलवार, आरुषि व हेमराज मौजूद थे। ड्राइवर मुनेश ने चारों को उस रात को आखिरी बार देखा था। हेमराज पर हमला आरुषि के कमरे में उसके बेड पर हुआ और उसके बाद चादर में लपेटकर व घसीटकर छत पर ले जाया गया। वहां पर उसका गला काटा गया।
रात 12 बजे तक डा.राजेश तलवार अपने कमरे में जागे हुए थे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में आरुषि व हेमराज की मौत का समय रात्रि 12 बजे से एक बजे के बीच का है। डा. राजेश ने अपने कमरे में आवाज सुनी तो वह हेमराज को देखने उसके कमरे में गए, लेकिन वह वहां नहीं मिला। उन्होंने हेमराज के कमरे में रखी दो गोल्फ स्टिक में एक उठा ली। इस दौरान उन्हें यह पता चल चुका था कि आवाज आरुषि के कमरे से आ रही थी। आरुषि के कमरे का दरवाजा बंद नहीं था। डा. राजेश ने गोल्फ स्टिक से हेमराज के सिर पर वार किया। दूसरा वार किया तो हेमराज वहां से हट गया और यह वार सीधा आरुषि के माथे पर लगा। इस दौरान डा. राजेश ने कई वार किए। आवाज पर डा. नूपुर भी आरुषि के कमरे में पहुंच गई। तब तक हेमराज बेड से नीचे गिर गया था।
दोनों ने आरुषि की नब्ज देखी तो उसे मृत पाया। इसके बाद दोनों घबरा गए और हेमराज का कत्ल कर शव को छिपाने और मौका मिलने पर उसको डिस्पोज करने की साजिश रची। इसी उद्देश्य से तलवार दंपती ने हेमराज को चादर में लपेटा और घसीटकर सीढि़यों से छत पर ले गए। एक कोने में छोटे धारदार हथियार से उसका गला चीर दिया। साथ ही कूलर का पैनल निकालकर हेमराज के शव पर रख दिया। इसके बाद चादर व धारदार हथियार लेकर फ्लैट में आ गए। वहां से उन्होंने डबल चादर व एक ताला चाबी लिया और वापस छत पर पहुंच गए। इसके बाद दोनों आरुषि के कमरे में आ गए और बिस्तर पर अस्त-व्यस्त रखे खिलौने व अन्य सामान को अपनी जगह पर रख दिया। बिस्तर की चादर की सलवटें भी ठीक कर दी और आरुषि का गला धारदार हथियार से काट दिया। ताकि आरुषि व हेमराज के गले के जख्म एक तरह के दिखाई पडे़।
कौल ने कहा कि डा. नूपुर तलवार ने आरुषि के संवेदनशील अंग को साफ किया और उसे अंत:वस्त्र व पायजामा पहना दिया। इसके बाद वहां पडे़ खून को साफ किया। इंटरनेट के राउटर से छेड़छाड़ की। खून से सने कपड़े व धारदार हथियार एक साथ रख दिए। गोल्फ स्टिक भी साफ करके आरुषि के कमरे की दुछत्ती में छिपा दी और सबसे बाहर का दरवाजा अंदर से तथा बीच के लोहे का दरवाजा बाहर से बंद कर दिया। इस दौरान डा. राजेश वेलेंटाइन व्हिस्की बिना पानी के पीते रहे और नौकरानी के सामने आरुषि की हत्या का आरोप हेमराज पर मढ़ दिया।

Sunday, April 21, 2013

मिड-डे मील में अंडा करी बनी जी का जंजाल

श्यामपुर। बच्चों को प्रोटीन युक्त खाना मिले, इसके लिए शिक्षा विभाग ने मिड-डे मील के तहत प्रत्येक बुधवार को स्कूलों में अंडाकरी बनाए जाने की व्यवस्था की थी। लेकिन शाकाहारी और मांसाहारी के फेर में मामला थोड़ा उलझ गया है। कुछ भोजन माताएं खाना बनाने में आनाकानी करने लगीं हैं तो कुछ बच्चे खाना खाने से ही परहेज करने लगे हैं।
विभाग ने तीर्थनगरी के समीपवर्ती क्षेत्र न्याय पंचायत श्यामपुर के सभी स्कूलों में मध्याह्न भोजन में प्रत्येक बुधवार को बच्चों के लिए साबूत मसूर की दाल की जगह अंडाकरी बनाने का निर्देश दिया है। यह निर्देश खंड शिक्षा अधिकारी ने तमाम संकु लों में भेजे हैं।
कई स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चे, शिक्षक और भोजन माता विशुद्ध रूप से शाकाहारी हैं। ऐसे में विद्यालयों में अंडाकरी बनाना टेढ़ी खीर साबित हो रही है। कई बच्चों ने तो अंडाकरी बनने के बाद से विद्यालयों में मिड-डे मील खाना ही बंद कर दिया है। अभी नवरात्र के दौरान कई विद्यालयों में अंडाकरी के मीनू को लेकर असमंजस बना रहा कि कैसे इसे बनाया जाए।