Thursday, November 10, 2011

श्री गुरु सिंह सभा गुरुद्वारा राज्यपाल व मुख्यमंत्री से अनुरोध बाद सरकार ने ऐन वक्त पर लिया निर्णय


श्री गुरु नानक देव जयंती पर सरककरी अवकाश घोषितराज्यपाल और मुख्मंत्री से मिलते सरदार राजेंद्र सिंह राजेन, गुलजार सिंह और सेवा सिंह मठारू

श्री गुरु नानक देव जी जयंती पर सरकारी अवकाश घोषित न होने पर बुधवार की शाम आढ़त बाजार के प्रतिनिधिमंडल राज्यपाल तथा मु यमंत्री से अनुरोध बाद सरकार ओर से निगोशिएबल इंस्टूमेंट एक्ट तहत अवकाश घोषित दिया गया।
राज्य स्थापना दिवस पर राजभवन में आयोजित कार्यक्रम में श्री गुरु सिंह सभा आढ़त बाजार के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह ‘राजन’, महासचिव गुलजार सिंह तथा सचिव सेवा सिंह मठारू ने राज्यपाल से राज्य में हर वर्ष श्री गुरु नान· देवजी के प्रकाश पर्व पर सरकारी घोषित किया जाता रहा है प्रतिनिधमंडल ने मुख्या मंत्री खंदुदी और विधान सभा अध्यक्ष हरबंस कपूर से इसकी आपत्ति जताई. बाद में राज्यपाल ने पर्तिनिधि मंडल की मांग पर सहमती जताते हुए इस बारे में आपत्ति जताई। बाद में राज्यपाल ने प्रतिनिधिमंडल की मांग पर मुख सचिव सुभाष कुमार ने अवकाश घोषित कर दिया. कुल मिला कर सिख समुदाएँ और श्री गुरु नानक देव जी को मानने वालों ने इस बात पर रोष व्यक्त किया और साथ में ही हर साल इस पर्व पर छुटी की जाये.

Wednesday, November 9, 2011

20 पुलिस अधिकारियों एवं जवानों को विशिष्ट सेवाओं के लिए राष्ट्रपति पलिस पदक

देहरादून 09 नवम्बर, 2011  उत्तराखण्ड की राज्यपाल श्रीमती मार्गे्रट आल्वा ने बुधबार को राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर पुलिस लाईन देहरादून में आयोजित पुलिस रैतिक परेड़ की सलामी एवं 20 पुलिस अधिकारियों एवं जवानों को विशिष्ट सेवाओं के लिए राष्ट्रपति पलिस पदक, वीरता व सराहनीय सेवाओं के लिए पुलिस पदक प्रदान करने के पश्चात अपने सम्बोधन में कहा कि राज्य में अमन-चैन का वातावरण बनाए रखने में राज्य पुलिस के बहादुर जवानों की सेवायें राज्य की जनता के लिए कीमती हैं, जनता की अच्छी सेवा का उदाहरण पेश करने वाले पुलिस के इन जवानों की उपलब्धियां अन्य लोगों को भी अच्छे प्रदर्शन के लिए प्रेरित करेंगी।
उन्होंने कहा कि राज्य गठन के बाद 11 वर्षों की विकास यात्रा में प्रदेश मंे कई अच्छे कार्य हुए हैं। परन्तु इसके साथ-साथ, हमें कई चुनौतियों का सामना करना है। हमारी जी.डी.पी.ग्रोथ तीन प्रतिशत से बढ़कर लगभग 10 प्रतिशत हो गई है। विकास की इस दर को बनाए रखने तथा इसका लाभ  राज्य के आखिरी आदमी तक पहुँचाना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि राज्य में कुछ अच्छे स्कूल हैं। लेकिन राज्य के प्रत्येक बच्चे को अच्छी शिक्षा उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिए जाने की जरूरत है। राज्य बनने के बाद पिछले 10 वर्षों में राज्य की साक्षरता दर का 8 प्रतिशत बढ़ना खुशी की बात है। परन्तु इसी अवधि में बालिकाओं की संख्या में कमी होना चिंता का विषय है। राज्य का पूर्ण विकास, महिला-भागीदारी के बिना अधूरा है। इसलिये महिलाओं की सभी योजनाओं को सही प्रकार से लागू करना आवश्यक है, जिससे उनके जीवन की कठिनाईयों का बोझ कम हो सके।
उन्होंने कहा कि राज्य के लगभग 80 प्रतिशत लोगों का जीवन कृषि पर निर्भर है। हमें ऐसी कृषि नीति और योजनाएॅ बनानी होगी जिससे राज्य में कृषि की पैदावार बढ़ने के साथ-साथ किसानों की आमदनी भी बढ़ सके। राज्य में उद्योगों की स्थापना मैदानी क्षेत्रों तक सीमित है। पर्वतीय क्षेत्रों में उचित प्रकार के कुटीर उद्योगों से रोजगार पैदा करके, लगातार हो रहे पलायन को रोका जा सकता है। पर्यावरण तथा धार्मिक कारणों से राज्य में जल विद्युत परियोजनाए बंद हो रही है। राज्य की बढ़ती विकास दर को सतत् बनाये रखने के लिए हमें अपनी विद्युत उत्पादन क्षमता बढ़ानी होगी।
उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड में कई महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल हैं। उत्तराखण्ड हमेशा से ही प्रकृति-प्रेमियों, साहसी खेलों में रूचि रखने वालों तथा धार्मिक पर्यटकों के लिए आकर्षण का केन्द्र रहा है। पर्यटन राज्य की आर्थिक विकास प्रगति में महत्वर्पूण भूमिका निभा सकता है। इसके लिए राज्य में बुनियादी सुविधाओं का  विकास एवं विस्तार  तेजी से किया जाना होगा।
उन्होेंने कहा कि ऋषिकेश से कर्णप्रयाग तक प्रस्तावित रेल लाईन पूर्ण होने पर न केवल गढ़वाल के दूरस्थ पहाड़ी क्षेत्रों तक विकास होगा बलकि पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। पहाड़ के लोगों को रोजगार मिलने में भी मदद होगी।
उन्होंने कहा कि राज्य मंे भ्रष्टाचार खत्म करने और आम आदमी को सरकारी सेवाओं में आ रही कठिनाइयों को दूर करने के लिए लोकायुक्त बिल, स्पेशल कोर्ट बिल, लोक सेवा अधिकार और वार्षिक पारदर्शी स्थानान्तरण अधिनियम पास हुए हैं, जिन्हें पूर्ण रूप से लागू कराना होगा। जनता की सक्रिय भागीदारी ही सरकार को जबावदेह बना सकती है। तभी, विकास का लाभ, राज्य के आखिरी आदमी तक पहुँच सकेगा।
इस अवसर पर प्रदेश के मुख्यमंत्री मे0ज0 (से.नि.) भुवन चन्द्र खण्डूरी, विधान सभा अध्यक्ष हरवंश कपूर, कृषि मंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत, पूर्व मुख्यमंत्री डा0 रमेश पोखरियाल 'निशंक', लोकायुक्त एम.एम.घिल्ड़ियाल, मुख्य सचिव सुभाष कुमार सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।
 कार्यक्रम में विशिष्ठ सेवाओं के लिये राष्ट्रपति का पुलिस पदक पुलिस महानिरीक्षक, अनिल रतूड़ी, सेनानायक 46वीं वाहिनी पीएसी गणेश सिंह मर्तोलिया, अपर पुलिस अधीक्षक जसवंत सिंह, विशिष्ट उपलब्धियों के लिए महामहिम श्री राज्यपाल का उत्कृष्ट सेवा पदक सुरेन्द्र सिंह सामन्त थानाध्यक्ष सतपुली एवं सूर्यभूषण नेगी थानाध्यक्ष सहसपुर को दिये गये तथा वीरता के लिए तीन व सराहनीय सेवाओं के लिए 12 पुलिस अधिकारियों/कर्मचारियों को भी पुलिस पदक प्रदान किये गये।

Tuesday, November 1, 2011

मतदाता सूची में संशोधन करने की अवधि 5 नवम्बर तक बढ़ा दी है-जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी

रुद्रपुर,01 नवम्बर- जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी पीएस जंगपांगी ने वताया है कि भारत निर्वाचन आयोग ने फोटोयुक्त मतदाता सूची में संशोधन करने की अवधि 5 नवम्बर तक बढ़ा दी है।
    जिलाधिकारी ने वताया कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा फोटोयुक्त मतदाता सूची में नाम शामिल करने,हटाने अथवा संशोधित करने के लिये दावे एवं आपत्तियां प्राप्त करने के लिये 31 अक्टूबर तक की तिथि निर्धारित की गयी थी। उन्होंने वताया कि आयोग द्वारा अब यह अवधि 05 नवम्बर तक बढ़ा दी गयी है। जिलाधिकारी ने सभी ऐसे व्यक्तियों, जिनकी आयु 01 जनवरी,2012 को 18 वर्श या उससे अधिक की हो जायेगी तथा मतदाता बनने की पात्रता रखते हों,से इस अवधि का लाभ लेते हुये निकटतम् मतदेय स्थल पर तैनात बीएलओ से सम्पर्क कर अपना नाम मतदाता सूची में शामिल कराने की अपील की है।
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रुद्रपुर,01 नवम्बर-जनपद न्यायाधीश/जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री जय देव सिंह की अध्यक्षता में आयोजित मेगा लोक अदालत में विभिन्न न्यायालयों में 506 वादों कानिस्तारण किया गया। इस लोक अदालत में मोटर दुर्घटना के 11 वादों का निस्तारण कर 20.07 लाख का प्रतिकर अधिरोपित कर 15.80 लाख का प्रतिकर मौके पर ही पीडित पक्ष को दिलवाया गया। इसी प्रकार 31.51 लाख की मालियत सम्बन्धी दिवानी उत्तराधिकार के 5 वादों का निस्तारण किया गया। मेगा लोक अदालत में 554 लघु फौजदारी वादों का निस्तारण करते हुये 3.54 लाख रुपया अर्थ दण्ड के रूप में वसूल किया गया।
    जानकारी देते हुये प्राधिकारण के सचिव/सिविल जज सीनिसर डिवीजन श्री भारत भूशण पाण्डे ने बताया कि मेगा लोक अदालत में जनपद न्यायाधीश के न्यायालय में 2 मोटर दुर्घटना के तथा 1 फौजदारी वाद का निस्तारण किया गया। अपर जिला जज सुश्री कहकशा खान के न्यायालय में मोटर दुर्घटना के 2,अपर जिला जज द्वितीय श्री शमशेर अली के न्यायालय में मोटर दुर्घटना के 2 तथा 1 फौजदारी वाद निस्तारित हुआ । प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय श्री एसएमडी दानिश के न्यायालय में 7 पारिवारिक वाद,मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्री मनीश कुमार मिश्रा के न्यायालय में फौजदारी के 62 वाद निस्तारित हुये ।
    सिविल जज प्रवर खण्ड श्री भारत भूशण के न्यायालय में विभिन्न प्रकार के 17 वाद निस्तारित किये गये। प्रथम अपर सिविल जज प्रथम श्रेणी श्रीमती शादाब वानो द्वारा लघु फौजदारी के 51, द्वितीय अपर सिविल जज प्रथम श्रेणी श्रीमती रीना नेगी द्वारा लघु फौजदारी के 96, प्रथम अपर सिविल जज तृतीय श्री आशुतोश कुमार मिश्रा द्वारा उत्तराधिकार का 1 तथा लघु फौजदारी के 17 वाद निस्तारित किये गये। चतुर्थ अपर सिविल जज श्री राकेश कुमार मिश्रा द्वारा लघु फौजदारी के 3 सिविल जज/न्यायिक मजिस्ट्रेट सुश्री कुसुम द्वारा लघु फौजदारी के 4,न्यायिक मजिस्ट्रेट श्री मनमोहन सिंह द्वारा लघु फोजदारी के 28 तथा प्रथम अपर सिविल जज/न्यायिक मजिस्टेªट श्री मौ0 युसुफ द्वारा 6 व्यावहारिक एवं 22 लघु फौजदारी वादों को निस्तारण किया गया।
        श्री पाण्डे ने बताया कि काशीपुर स्थित न्यायालयों में अपर जिला न्यायाधीश श्री हीरा सिंह बोनाल द्वारा मोटर दुर्घटना के 3,अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्री राजीव कुमार के न्यायालय में लघु फौजदारी कंे 63 तथा सिविल जज श्री नन्दन सिंह राणा के न्यायालय में उत्तराधिकार के 3 तथा लघु फौजदारी के 35 वाद निस्तारित हुये । इसी प्रकार न्यायिक मजिस्ट्रेट श्री मुकेश कुमार के न्यायालय में लघु फौजदारी के 71,प्रथम अपर सिविल जज श्री शहजाद मोै0 वाहिद के न्यायालय में लघु फौजदारी के 2 द्वितीय अपर सिविल जज सुश्री एकता मिश्रा के न्यायालय में लघु फौजदारी के 6,तृतीय अपर सिविल जज श्री राजीव धवन के न्यायालय में लघु फौजदारी के 4 तथा विशेश न्यायिक मजिस्ट्रेट श्री रामलाल के न्यायालय में लघु फौजदारी के 25 वादों का निस्तारण किया गया।
        खटीमा स्थित न्यायालयों में सिविल जज/न्यायिक मजिस्टेªट श्री अरूण बोहरा के न्यायालय में लघु फौजदारी के 40 तथा अपर सिविज जज/न्यायिक मजिस्टेªट श्रीमती ज्योत्सना के न्यायालय में 50 लघु फौजदारी वादों का निस्तारण किया गया।
        श्री पाण्डे ने बताया कि इस मेगा लेक अदालत में ूमहिलओं एवं अनुसुचित जाति/जन जाति,पिछडी जाति,अल्प संख्यक वर्ग के लम्बित वादों के निस्तारण पर विशेश ध्यान दिया गया। इन व्यक्तियों को लाभान्वित किये जाने के उद्देश्य से प्रत्येक न्यायालय के पीठासीन अधिकारियों के द्वारा इन व्यक्तियों से विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से विधिक सेवा प्राप्त करने हेतु निर्देशित किया गया  तथा आवश्यक प्रयास किये गये।