उत्तराखंड राज्य अधिवक्ता महासंघ के राज्यस्तरीय महासम्मेलन में जूनियर वकीलों को तीन वर्ष तक तीन हजार रुपये प्रतिमाह, काशीपुर समेत नए जिले, सर्विस टैक्स के कड़े विरोध समेत अनेक प्रस्ताव पारित किए गए। इस बीच सरकारों द्वारा अधिवक्ता हित में कोई कदम न उठाने पर भी कड़ा रोष जताया गया। इस बीच काशीपुर बार की वेबसाइट का उद्घाटन भी किया गया।
काशीपुर बार एसो. के सभागार में राज्यस्तरीय अधिवक्ता सम्मेलन के पहले सत्र में महासंघ अध्यक्ष गोविंद सिंह भंडारी ने कहा कि फंड की व्यवस्था न होने से अधिवक्ता त्रस्त हैं। उन्होंने अभी तक स्थायी राजधानी न बनाने व सीएम के न आने पर रोष जताया। द्वितीय सत्र में मुख्य अतिथि बार कौंसिल अध्यक्ष पूर्व सांसद डॉ. पाल ने कहा कि शीघ्र ही अधिवक्ताओं की समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री से मिलने की बात कही। कहा कि जरुरत पड़ने पर विस का घेराव भी किया जाएगा। सांसद केसी सिंह बाबा ने अधिवक्ताओं से संसद में उठाने के लिए बेहतर विषयों से अवगत कराने का आह्वान किया। बीसूका उपाध्यक्ष हरभजन सिंह चीमा ने कहा कि कुछ वर्ष पहले तक काशीपुर क्षेत्र में माफिया सक्रिय रहे। अब अधिवक्ताओं के सजग रहने से शांति है। उन्होंने चैंबर्स निर्माण में सीएम से वार्ता कर एक करोड़ की धनराशि बढ़ाने के लिए प्रयास का आश्वासन दिया।
महासंघ महासचिव राव मुनफेद अली ने वकीलों की समस्याएं, काशीपुर बार अध्यक्ष उमेश जोशी ने राष्ट्रभाषा हिंदी को बढ़ावा देने व काशीपुर जिले की मांग प्रमुखता से उठायी। हाईकोर्ट बार एसो. अध्यक्ष बीडी कांडपाल ने छोटे प्रशासनिक इकाईयां बनाने व पिथौरागढ़ बार अध्यक्ष मोहन भट्ट ने कहा कि वकीलों को जन प्रतिनिधि बनने के लिए आगे आने व बार कौंसिल पूर्व अध्यक्ष रजिया बेग ने बार कौंसिल द्वारा महासंघ को पूरा सहयोग देने की बात कही। बार कौंसिल के पूर्व अध्यक्ष सूरज सिंह नेगी ने कहा कि राज्य में अधिवक्ता कोष नहीं है। नैनीताल जिला बार एसो. अध्यक्ष हरि शंकर कंसल ने कहा कि आज अधिवक्ता सबसे अधिक निर्धन है। हल्द्वानी बार एसो. अध्यक्ष राम सिंह बसेड़ा ने अधिवक्ताओं को न्याय पंचायतों में विधि सलाहकार के पद पर नियुक्त करने की मांग उठायी।
इस बीच जसपुर बार एसो. अध्यक्ष दिनेश शर्मा, हल्द्वानी बार सचिव गोविंद सिंह, गरुड़ बार अध्यक्ष श्यामलाल, विंदेश्वर कापड़ी, नंदन सिंह कन्याल, शैलेंद्र मिश्रा आदि ने विचार व्यक्त किए। इस बीच काशीपुर बार के पहले अध्यक्ष भारत रत्न स्व. पंडित गोविंद बल्लभ पंत को भी याद किया गया। इस बीच सांसद केसी सिंह बाबा ने काशीपुर बार की वेबसाइट का शुभारंभ किया। द्वितीय सत्र में परिवार न्यायालय में दस वर्ष प्रैक्टिस पर परिवार न्यायाधीश, विशेष न्यायाधीश की नियुक्ति, विवाह अधिकारी, फैक्ट्रियों में लीगल एडवाइजर, न्याय पंचायतों में विधि सलाहकार, सहायक अभियोजन अधिकारी नियुक्त, हिंदी को प्राथमिकता, सर्विस सर्विस टैक्स को समाप्त, छोटे जिलों के गठन करने का प्रस्ताव पारित किया गया। अंत में अतिथियों को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया।
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Prem Arora
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