देहरादून। फर्जी डिग्रियों के जरिये पासपोर्ट बनाने के मामले में आचार्य
बालकृष्ण व उनके सहयोगी श्री राधा-कृष्ण संस्कृत महाविद्यालय खुर्जा के
प्राचार्य नरेश चंद्र द्विवेदी सीबीआइ स्पेशल मजिस्ट्रेट की अदालत में
सोमवार को पेश हुए। सीबीआइ वकील चार्जशीट पर बहस करना चाहती थे, मगर आचार्य
के वकीलों ने मना कर दिया कि वह अभी बहस को तैयार नहीं हैं। अदालत ने
सुनवाई की अगली तिथि सात सितंबर तय की है।
फर्जी डिग्रियों के जरिये पासपोर्ट लेने के आरोप में योगगुरु बाबा रामदेव के करीबी एवं पतंजलि योगपीठ हरिद्वार के महामंत्री आचार्य बालकृष्ण को सीबीआइ ने गत 20 जुलाई को गिरफ्तार किया था। सीबीआइ ने बालकृष्ण व उनके सहयोगी श्री राधाकृष्ण संस्कृत महाविद्यालय खुर्जा, बुलंदशहर के प्राचार्य नरेश चंद्र द्विवेदी पर आरोप-पत्र दाखिल किया था। आरोप है कि आचार्य को फर्जी डिग्रियां द्विवेदी ने ही दिलाई थीं। द्विवेदी को दो हफ्ते बाद कचहरी परिसर से उस समय गिरफ्तार किया गया था, जब वे सरेंडर करने जा रहे थे। आचार्य को हाईकोर्ट से जमानत मिल चुकी है, जबकि द्विवेदी फिलहाल देहरादून जेल में ही हैं। सोमवार को सीबीआइ स्पेशल मजिस्ट्रेट प्रीतू शर्मा की अदालत में बालकृष्ण और द्विवेदी पेश हुए। पेशी के बाद द्विवेदी को वापस जेल ले जाया गया।
फर्जी डिग्रियों के जरिये पासपोर्ट लेने के आरोप में योगगुरु बाबा रामदेव के करीबी एवं पतंजलि योगपीठ हरिद्वार के महामंत्री आचार्य बालकृष्ण को सीबीआइ ने गत 20 जुलाई को गिरफ्तार किया था। सीबीआइ ने बालकृष्ण व उनके सहयोगी श्री राधाकृष्ण संस्कृत महाविद्यालय खुर्जा, बुलंदशहर के प्राचार्य नरेश चंद्र द्विवेदी पर आरोप-पत्र दाखिल किया था। आरोप है कि आचार्य को फर्जी डिग्रियां द्विवेदी ने ही दिलाई थीं। द्विवेदी को दो हफ्ते बाद कचहरी परिसर से उस समय गिरफ्तार किया गया था, जब वे सरेंडर करने जा रहे थे। आचार्य को हाईकोर्ट से जमानत मिल चुकी है, जबकि द्विवेदी फिलहाल देहरादून जेल में ही हैं। सोमवार को सीबीआइ स्पेशल मजिस्ट्रेट प्रीतू शर्मा की अदालत में बालकृष्ण और द्विवेदी पेश हुए। पेशी के बाद द्विवेदी को वापस जेल ले जाया गया।
Sab Jhoot hai. Koi jaali degree nahi hai
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