Saturday, September 1, 2012

चीनी मिल मजदूरो का जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन

रुद्रपुर। गदरपुर चीनी मिल को बंद करने व अन्य को पीपीपी मोड में देने के खिलाफ किसानों व चीनी मिल मजदूरों ने कलक्ट्रेट पर जोरदार प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार के इस निर्णय को किसी दशा में लागू नहीं होने दिया जाएगा।
जिलेभर से किसान व चीनी मिल मजदूर सोमवार को कलक्ट्रेट पहुंचे। वहां उन्होंने नारेबाजी करते हुए धरना दिया। भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष बची सिंह रावत ने प्रदर्शनकारियों की सभा को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार राज्य में यहां के लोगों की भावना के खिलाफ फैसले ले रही है। चीनी मिलों को पीपीपी मोड में देना भी ऐसा ही एक फैसला है। अन्य वक्ताओं ने भी प्रदेश सरकार को आड़े हाथ लिया। बाद में प्रदर्शनकारियों ने राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी बीके संत को दिया। ज्ञापन में कहा गया कि गदरपुर चीनी मिल को बंद करने तथा नादेही, सितारगंज, किच्छा व डोईवाल मिलों को पीपीपी मोड में देने का सरकार ने निर्णय लिया है। यह निर्णय यहां के किसानों व चीनी मिल मजदूरों के हित में नहीं है। चीनी मिलें सरकार की गलत नीतियों के कारण घाटे में हैं, क्योंकि गन्ने व चीनी का दाम सरकार तय करती है। ज्ञापन में बीते दिनों कैबिनेट की बैठक में चीनी मिलों के मामले में लिए गए फैसले पर रोक लगाने की मांग की गई। प्रदर्शन में विधायक राजकुमार ठुकराल, अरविंद पांडे व राजेश शुक्ला, पूर्व सांसद बलराज पासी, भाजपा जिला महामंत्री हितेंद्र त्रिपाठी, राजकुमारी गिरि, किसान नेता चौ. राय सिंह, प्रीतम सिंह, अमित नारंग, जगदीश सिंह, चौ. खिलेंद्र सिंह, करनैल सिंह, राकेश भुड्डी, राजेश गुंबर, पंकज सेतिया, सुरेश कोली, बरीत सिंह, भारत भूषण चुघ, राजेश ग्रोवर आदि शामिल थे।

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