Thursday, November 29, 2012

सिलेंडरों की संख्या 12 करने का ड्राफ्ट तैयार कर लिया है


नई दिल्ली. पेट्रोलियम मंत्रालय अगर वित्त मंत्रालय को राजी कर सका तो सस्ते रसोई गैस सिलेंडरों की संख्या 6 से बढ़ाकर 12 की जा सकती है। इस आशय का प्रस्ताव पेट्रोलियम मंत्रालय ने तैयार कर लिया है जो अब राजनीतिक मामलों की कैबिनेट कमिटी के सामने रखा जाएगा। 
 
पेट्रोलियम मंत्रालय के सूत्रों ने भास्कर को बताया कि सिलेंडरों की संख्या 12 करने का ड्राफ्ट तैयार कर लिया है। तेल कंपनियों से भी उनकी राय ले ली गई है। इससे सरकार पर करीब 18,000 करोड़ रुपए का बोझ आएगा। चूंकि मामला इतनी बड़ी धनराशि का है, इसलिए वित्त मंत्रालय की रजामंदी के बाद ही फैसला लिया जा सकेगा। पेट्रोलियम मंत्री ने भास्कर से कहा, 'सब्सिडी वाले गैस सिलेंडर बढ़ाने के लिए पार्टी और कई दूसरे दल भी दबाव डाल रहे हैं। पार्टी नेताओं ने कई सुझाव भी दिए हैं। इस पर मैं मंत्रिमंडल की राजनीतिक समिति में चर्चा करूंगा।' 
 
गौरतलब है कि सब्सिडी वाले केवल 6 रसोई गैस सिलेंडर देने के फैसले के बाद से ही इसका व्यापक विरोध शुरू हो गया था। पार्टी के अंदर भी इस फैसले को वापस लेने की मांग की जा रही थी। कांग्रेस की संवाद बैठक में भी सिलेंडरों की संख्या बढ़ाने का मामला उठा था। 
 
सूत्रों के अनुसार, हर महीने के पहले सप्ताह में बिना सब्सिडी वाले सिलेंडरों के दाम अंतरराष्ट्रीय बाजार के हिसाब से तय करने का अधिकार भी तेल कंपनियों से लिया जा सकता है। इसके बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार के हिसाब से रसोई गैस के दाम पेट्रोलियम मंत्री की अनुमति के बाद ही बढ़ाए जा सकेंगे। केंद्रीय मंत्रिमंडल की राजनीतिक समिति की बैठक जल्द होगी, जिसमें पेट्रोलियम मंत्रालय का यह प्रस्ताव चर्चा का प्रमुख विषय होगा। 
 
कम खपत वाले रसोई गैस चूल्हे देंगे राहत 
 
रसोई गैस की कीमतों में वृद्धि से बेहाल आम आदमी को कम खपत वाले गैस चूल्हे से राहत मिल सकती है। कई कंपनियों ने ऐसे गैस चूल्हे बाजार में उतारे हैं। चूल्हे बनाने वाली कंपनियों ने चूल्हे के थर्मल एफिशिएंसी में सुधार किया है। इससे एलपीजी की खपत 11 फीसदी तक कम हो जाती है। भारतीय मानक विभाग के अनुसार, मानक थर्मल एफिशिएंसी 64 फीसदी है। लेकिन अब बाजार में 68.5 से 71.5 प्रतिशत तक के एफिशिएंसी के चूल्हे उपलब्ध है। एक प्रतिशत थर्मल एफिशिएंसी बढऩे पर डेढ़ प्रतिशत एलपीजी की बचत होती है। सुपर एलपीजी संचालक विनोद अग्रवाल ने कहा कि कंपनी देश में 60 लाख से अधिक 68.5 प्रतिशत एफिशिएंसी वाले चूल्हे बेच चुकी है। 

Sunday, November 25, 2012

रुद्रप्रयाग: ऊखीमठ कुल नुकसान-62 करोड़ अवमुक्त धनराशि-छह करोड़ जख्मों पर नमक

रुद्रप्रयाग: ऊखीमठ त्रासदी को दो माह बीत चुके हैं, लेकिन प्रभावित गांवों की स्थिति जस की तस है। गांवों में आज भी मलबे का ढेर से अटा है। प्रकृति का खौफ भी पीड़ितों के चेहरे पर साफ देखा जा सकता है।
गत 13 सितंबर की रात को ऊखीमठ क्षेत्र में आई तबाही का मंजर आज भी इन गांवों में साफ देखा जा सकता है। दैवीय आपदा को दो महीने से अधिक समय गुजर गया है, लेकिन अभी तक आपदा की छाया यहां साफ देखी जा सकती है। पहले प्रकृति ने इन पर कहर बरवाया, और अब सरकारी सिस्टम ने प्रभावितों के जख्मों पर नमक छिड़कने का काम किया जा रहा है। आज भी बेघर हुए 107 परिवारों को अपना आशियाना नहीं मिल पाया है। पचास से अधिक भवन ऐसे हैं जहां प्रभावित अपने घरों में जाने को तैयार नहीं है, लेकिन प्रशासन के सर्वे में इनका भवन पूर्ण क्षतिग्रस्त ही नहीं दिखाया गया है, अब वह किस्मत और सरकार दोनों को कोस रहे हैं।
जिला प्रशासन ने पूरे प्रभावित क्षेत्र चुन्नी, मंगोली, ब्राहमणखोली, प्रेमनगर, गिरिया आदि में क्षतिग्रस्त भवन, सरकारी योजनाओं, सड़क आदि का कुल आंकलन 62 करोड़ का लगाया है, लेकिन अभी तक सरकारी स्तर पर मात्र छह करोड़ की स्वीकृत हो पाया है। गत गुरुवार को केंद्रीय टीम भी यहां निरीक्षण के लिए पहुंची, लेकिन पीड़ितों के दर्द समझने के बजाय मात्र खानापूर्ति कर चले गए। ऐसे में पीड़ितों की आस भी टूटने लगी है, कि वह फिर से एक बार जीवन की मुख्य धारा में जुड़ सकेंगे।
पीड़ित परिवार-1572
बेघर परिवार-143
लापता-14
कुल नुकसान-62 करोड़
अवमुक्त धनराशि-छह करोड़

सिरसा शहर में क‌र्फ्यू

हरियाणा के सिरसा में सुलह-शाति के तमाम प्रयास के बावजूद डेरा-सिख विवाद शनिवार को हिंसक हो गया। बेकाबू भीड़ ने शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंध कमेटी [एसजीपीसी] के सदस्य संत गुरमीत सिंह तिलोकेवाला व श्री गुरुग्रंथ साहिब सत्कार सभा के प्रधान सुखविंद्र सिंह खालसा की गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया। हमले में संत तिलोकेवाला को गंभीर चोट आई। हमले की खबर के बाद दोनों पक्षों में पत्थरबाजी हुई। हिंसक भीड़ ने एक धार्मिक स्थल में घुसने का प्रयास किया और बाहर खड़े कई वाहनों को आग के हवाले कर दिया। मौके पर फायरिग भी हुई।
नाजुक हालात के बाद जिला प्रशासन को सिरसा शहर में क‌र्फ्यू लगाने का निर्णय लेना पड़ा। घटेभर चली हिसक झड़प में सात-आठ लोग घायल हुए। इनमें तीन डेरा प्रेमी है। दो-तीन पुलिस कर्मचारियों को भी चोट लगी है। घायल संत तिलोकेवाला को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। क्षेत्र में स्थिति तनावपूर्ण, लेकिन नियंत्रण में है। हिंसा की शुरुआत शनिवार अपराह्न साढ़े तीन बजे हुई जब वाल्मीकि चौक पर कुछ लोगों ने संत गुरमीत सिंह तिलोकेवाला और सुखविंद्र सिंह खालसा की गाड़ी पलट दी तथा तोड़फोड़ के बाद उसे आग के हवाले कर दिया। गाड़ियों में दोनों लोग सवार नहीं थे। इसकी सूचना पर दोनों पक्ष के लोग मौके पर पहुंचे और स्थिति लगातार बिगड़ती चली गई।

Saturday, November 24, 2012

आइएएस सिडकुल-2 के लिए निवेश मांगने गया था पोंटी के पास

चर्चित आइएएस सिडकुल-2 के लिए निवेश मांगने गया था पोंटी के पास!

देहरादून, 23 नवम्बर ।-  पोंटी चढ्ढा हत्याकाण्ड के बाद उत्तराखण्ड सरकार में बैठे एक आईएएस का नाम आने के बाद यह आईएएस बचाव की मुद्रा में आ गया है, इतना ही नहीं सूत्रों ने तो यहां तक बताया है कि नाम आने के बाद उसने मुख्यमंत्री को धमकी भी दे डाली है कि वह इस्तीफा दे सकता है। मामले में पोंटी चढ्ढा के साथ करीबी रिश्तों की बात की तस्दीक इस बात से हो जाती है कि खबरनबीशों को मुंह न लगाने वाला यह आईएएस मीडिया मैनेजमेंट में जुट गया है।
    उल्लेखनीय है कि पोंटी चढ्ढा व उसके भाई हरदीप चढ्ढा की उनके फार्म हाउस में हुई गोलीबारी में मौत के बाद राज्य के इस वरिष्ठ नौकरशाह पर भी पोंटी चढ्ढा के करीबी होने की चर्चाएं तैरने लगी थी। चर्चाएं तो यहां तक हैं कि पोंटी चढ्ढा से नजदीकी संबंध रखने वाले इस आईएएस की दिल्ली में मौजूदगी दिल्ली पुलिस द्वारा पोंटी चढ्ढा से घटना से तीन दिन पहले हुई वार्तालाप की कॉल डिटेल से निकल चुकी है। राजधानी देहरादून में हो रही चर्चाओं के अनुसार यह आईएएस मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा की महत्वकांक्षी योजना सिडकुल-2 के लिए पोंटी चढ्ढा से निवेश की बात करने गया था और इनकी मुलाकात दिल्ली के एक पंच सितारा होटल में हुई थी, चर्चा तो यहां तक है यह आईएएस राज्य में खनन व्यवसाय में पोंटी चढ्ढा को तगड़े मुनाफे का सब्जबाग भी दिखा चुका था। यही कारण है कि वर्तमान में पोंटी चढ्ढा के साथ सुखदेव सिहं नामधारी व तराई क्षेत्र के कुछ विधायक चढ्ढा के खनन कार्या में हमराह बन गए थे। चर्चाओं के अनुसार इस पार्टी के फोटो दिल्ली पुलिस के हाथ लग चुके हैं लेकिन पांटी के साथ जहां इस फोटो में सुखदेव सिंह नामधारी दिखायी दिया है वहीं यह चर्चित आइएएस उनसे दूरी पर खड़ा है।
नामधारी की गिरफ्तारी के बाद खुल सकता है आईएएस का चिट्ठा!
    जहां तक पोंटी चढ्ढा के साथ घटना के दौरान मौजूद रहे और पोंटी चढ्ढा की ओर से दिल्ली के छतरपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराने वाले सुखदेव सिंह नामधारी का सवाल है, नामधारी ने शुक्रवार को बाजपुर में एक पत्रकार वार्ता में साफ कर दिया है कि उनको राजनैतिक विद्वेश के चलते फंसाया जा रहा है और वे कहीं भागे नहीं है और न ही वे भूमिगत हुए हैं और उन्होंने साफ कहा है कि वे कहीं छिपे भी नहीं हैं, वहीं नामधारी के इस ताजे बयान के सामने आने के बाद अब यदि दिल्ली पुलिस नामधारी को पूछताछ के लिए हिरासत में लेती है तो ऐसे में नामधारी से पूछताछ के दौरान पोंटी चढ्ढा और प्रदेश के इस चर्चित आईएएस के संबंधों का खुलासा हो सकता है। जहां तक सूत्रों ने जानकारी दी है, यह चर्चित आईएएस ऊंचे पदों पर बैठे राजनेताओं के निर्देशों के पालन करने के तहत पोंटी चढ्ढा से मिलने दिल्ली गया था। यहां यह भी उल्लेखनीय है कि सैफ विंटर गेम्स 2010 सहित महाराणा प्राताप स्टेडियन के अंतर्गत नवनिर्मित आईस रिंग के निर्माण में घोटाले सहित कई अन्य घोटालों में चर्चित रहा यह आईएएस अब उत्तराखण्ड में मुख्य सचिव बनने की जुगत में लगा है। क्योंकि प्रमुख सचिव विनीता कुमार के बाद यह आईएएस प्रोन्नति सूची में सबसे उपर के ग्रेड पर है। इनका मुख्य सचिव बनने में विनीता कुमार ही सबसे बड़ा रोड़ा हैं और वे एक-दो महीने के भीतर सेवानिवृत्त होने वाली हैं, जहां तक मुख्य सचिव आलोक कुमार जैन की बात की जाए तो वें वर्तमान में केंद्र पर प्रतिनियुक्ति पर जाने के लिए आवेदन कर चुके हैं और उनका आवेदन स्वीकार भी हो चुका है, ऐसे में यह चर्चित आईएएस प्रदेश का मुख्य सचिव भी बन जाए इसमें कोई हैरत की बात नहीं। वहीं सूत्रों ने बताया है कि राजधानी में तैनाम ब्यूरोक्रट्स का एक वर्ग यह नहीं चाहता है कि भ्रष्टाचार में लिप्त रहा यह अधिकारी राज्य का मुख्य सचिव बने, लेकिन दबी जुबान से कुछ आईएएस अधिकारी यह कहने से भी नहीं चूकते हैं कि प्रदेश में सत्तारूढ़ दलों के लिए इनसे बढ़ा फण्ड मैनेजर किसी भी सरकार को नहीं मिल सकता।
    पोंटी चढ्ढा मामले में निशाने पर आने के बाद खबरनबीशों से सीधे मुंह बात न करने वाला यह आईएएस बुला-बुलाकर चाय की दावतें ही नहीं दे रहा है, बल्कि उन्हें बड़े-बड़े विज्ञापनों को देने का भी सपने दिखा रहा है, लेकिन मीडिया एक वर्ग राज्य में पनपते भ्रष्टाचार से आजिज़ है और वह यह नहीं चाहता कि किसी भी कीमत पर यह आईएएस प्रदेश का मुख्य सचिव बने।

Tuesday, November 20, 2012

जमीनी विवाद को लेकर हुए आपसी विवाद में 3 लोगो की मौत

काशीपुर में आज गाँव गिनिखेडा में जमीनी विवाद को लेकर हुए आपसी विवाद में 3 लोगो की मौत हो गई जब की पांच घायल हो गए। बाद में काशीपुर में काफी हंगामा रहा और इन तीनो मृतकों की बॉडी को  चौराहे पर रह कर जाम लगा दिया गया। काशीपुर के चारों और बॉर्डर को सील कर दिया गया। बाद में नैनीताल रोड स्थित रेलवे क्रासिंग पर जाम लगा दिया गया। आवास विकास के रस्तोगी नर्सिंग होम के सामने तक जम कर तोड़ फोड़ की गयी। पुलिस ने हलके बल का प्रयोग कर जाम   को खुलवा दिया। स्थानीय और पुलिस प्रशाशन पूरा दिन परेशानी में रहा और शाम को कोतवाली में वार्तालाप का दौर चलता रहा। काशीपुर के एस डी एम् और तहसीलदार का ट्रांसफर कर दिया गया जब की कोतवाल को लाइन हाज़िर कर दिया गया। पूरा दिन चले हाई वोल्टेज ड्रामे के बाद शाम को जाम खुला और गोलीकांड में आरोपी और अन्य 10 के विरुद्ध मुक्कादामा दर्ज करने की सूचना अब तक आ रही है।
दोपहर में जब स्कूल की छूती हुई तो काशीपुर में इस तरह का माहोल था की बच्चे बड़ी मुशिकल से घरों तक पहुंचे और अनेक मांएं अपने बचों के जल्दी घर आने की प्रार्थना करने लगी। शाम तक लोग काफी परेशानी में रहे और शाम तक बच्चे घर तक पहुँच गए तो माँ बाप को चैन पड़ा।
अब भी बच्चे सहमे हुए हैं और शायद ही कल स्कूल जाएँ।
काशीपुर में जो आज माहोल बना आज तक ऐसा माहोल नहीं बना क्योंकि काशीपुर आपसी प्यार का गुलदस्ता है। और ऐसा माहोल बनाने में किसका हाथ था इस की जड़ तक जाने की त्यौहार है।
आयो हम सब मिल कर परार्थना करें कि काशीपुर को किसी की नज़र ना लगे। ज्यादातर बच्चे स्कूल नहीं जायेंगे ऐसे में सभी स्कूल बचों को समाचार  के माध्यम से सूचना देने   की किरपा करें। और हम सब मिल कर अछे काशीपुर के  परार्थना करें।

ट्रक आईआईएम के निकट स्थित बहला नदी के पुल से नीचे गिर गया

काशीपुर। पंजाब से रुद्रपुर इंडस्ट्रियल स्टेट में जा रहा एक दस टायरा बड़ा ट्रक राष्ट्रीय राजमार्ग 74 स्थित बहला नदी के पुल से नदी में गिर गया। हादसे में चालक की मौत हो गई।
सोमवार सुबह साढ़े तीन बजे ट्रक चालक राजविंदर सिंह (45) पुत्र करनैल सिंह निवासी पंजाबी कालोनी शामली (बुद्धनगर) यूपी ट्रक में कागज की रद्दी भरकर पंजाब से इंडस्ट्रीयल स्टेट रुद्रपुर की एक फैक्ट्री जा रहा था। ट्रक राष्ट्रीय राजमार्ग पर आईआईएम के निकट स्थित बहला नदी के पुल से नीचे गिर गया। ट्रक का अगला हिस्सा नदी के तले से टकराने से क्षतिग्रस्त हो गया। जिससे चालक राजविंदर सिंह की मौके पर ही मौत हो गई। क्लीनर सकुशल बच गया उसे चोट तक नहीं आई। सूचना मिलते ही आईटीआई चौकी के सिपाही पदम सिंह ने घटना की पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने बमुश्किल शव को निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। बहला नदी का पुल सिंगल लेन है और इसकी दीवारें भी क्षतिग्रस्त हैं। पहले भी कई वाहन इसमें गिरकर क्षतिग्रस्त हो चुके हैं।