हरियाणा के सिरसा में सुलह-शाति के तमाम प्रयास के बावजूद डेरा-सिख
विवाद शनिवार को हिंसक हो गया। बेकाबू भीड़ ने शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंध
कमेटी [एसजीपीसी] के सदस्य संत गुरमीत सिंह तिलोकेवाला व श्री गुरुग्रंथ
साहिब सत्कार सभा के प्रधान सुखविंद्र सिंह खालसा की गाड़ियों को आग के
हवाले कर दिया। हमले में संत तिलोकेवाला को गंभीर चोट आई। हमले की खबर के
बाद दोनों पक्षों में पत्थरबाजी हुई। हिंसक भीड़ ने एक धार्मिक स्थल में
घुसने का प्रयास किया और बाहर खड़े कई वाहनों को आग के हवाले कर दिया। मौके
पर फायरिग भी हुई।
नाजुक हालात के बाद जिला प्रशासन को सिरसा शहर में कर्फ्यू लगाने का निर्णय लेना पड़ा। घटेभर चली हिसक झड़प में सात-आठ लोग घायल हुए। इनमें तीन डेरा प्रेमी है। दो-तीन पुलिस कर्मचारियों को भी चोट लगी है। घायल संत तिलोकेवाला को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। क्षेत्र में स्थिति तनावपूर्ण, लेकिन नियंत्रण में है। हिंसा की शुरुआत शनिवार अपराह्न साढ़े तीन बजे हुई जब वाल्मीकि चौक पर कुछ लोगों ने संत गुरमीत सिंह तिलोकेवाला और सुखविंद्र सिंह खालसा की गाड़ी पलट दी तथा तोड़फोड़ के बाद उसे आग के हवाले कर दिया। गाड़ियों में दोनों लोग सवार नहीं थे। इसकी सूचना पर दोनों पक्ष के लोग मौके पर पहुंचे और स्थिति लगातार बिगड़ती चली गई।
नाजुक हालात के बाद जिला प्रशासन को सिरसा शहर में कर्फ्यू लगाने का निर्णय लेना पड़ा। घटेभर चली हिसक झड़प में सात-आठ लोग घायल हुए। इनमें तीन डेरा प्रेमी है। दो-तीन पुलिस कर्मचारियों को भी चोट लगी है। घायल संत तिलोकेवाला को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। क्षेत्र में स्थिति तनावपूर्ण, लेकिन नियंत्रण में है। हिंसा की शुरुआत शनिवार अपराह्न साढ़े तीन बजे हुई जब वाल्मीकि चौक पर कुछ लोगों ने संत गुरमीत सिंह तिलोकेवाला और सुखविंद्र सिंह खालसा की गाड़ी पलट दी तथा तोड़फोड़ के बाद उसे आग के हवाले कर दिया। गाड़ियों में दोनों लोग सवार नहीं थे। इसकी सूचना पर दोनों पक्ष के लोग मौके पर पहुंचे और स्थिति लगातार बिगड़ती चली गई।
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