Friday, December 14, 2012

'सांप्रदायिकता बढ़ाने के लिए नेता जिम्मेदार'

भारतीय प्रेस परिषद के अध्यक्ष मार्कंडेय काटजू के देश में बढ़ती सांप्रदायिकता के लिए राजनेताओं को दोषी ठहराया है। अलीगढ़ मुसलिम विश्वविद्यालय में गुरुवार को आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि हिंदूओं और मुसलमानों को अलग करने की शुरुआत तो अंग्रेजों ने की पर आजादी के बाद नेताओं ने अपने वोट बैंक के लिए इस खाईं को गहरा कर दिया।
 
उन्होंने कहा कि हिंदुओं और मुसलमानों को विभाजित करने के लिए अंग्रेजों ने पाकिस्तान जैसा कृतिम राज्य बनाया। अब समय आ गया है कि दोनों देशों के लोगों को विचार करना चाहिए कि अंग्रेजों ने अपने फायदे के लिए उनके दिल-दिमाग में एक दूसरे के खिलाफ जहर घोला था। बाद में इसी का फायदा उठा पाकिस्तान बना दिया। लेकिन दुखद सच्चाई यह है कि उनके एजेंटों ने आजादी के बाद भी यह अधम नीति जारी रखी। 

देश में आतंकी घटनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि पुलिस अपराधियों को पकड़ने के बजाय निर्दोष मुसलिम युवकों को पकड़ कर जेल में डाल देती है। क्योंकि ऐसा करना उसके लिए आसान होता है। इसके अलावा एक प्रमुख कारण यह भी है कि अपराध की जांच के लिए हमारी पुलिस के पास न तो मार्डन तकनीक है और न ही आधुनिक उपकरण।

http://mykashipur.com/news.html

सभी ई-टॉपअप रिचार्ज पर फुल टॉक टाइम बंद


हल्द्वानी: दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) की सख्ती एवं मोबाइल सेवा प्रदाता कंपनियों की प्रतिस्पद्र्धा ने ग्राहकों के लिए विकल्प खोल दिए हैं। एयरसेल के ई-रिचार्ज, पेपर कूपन व सिम भी अब रिटेलरों से वापस लिए जा रहे हैं।
मंगलवार रात 12 बजे से एयरसेल ने सभी ई-टॉपअप रिचार्ज पर फुल टॉक टाइम बंद कर दिया है। रिटेलरों को जल्द से जल्द ई-टॉपअप का स्टॉक खत्म करने को कहा गया है। यूपी वेस्ट के गो ग्रीन अभियान के अंतर्गत 19 दिसंबर से एयरसेल के सभी पेपर रिचार्ज कूपन ब्लॉक हो जाएंगे। पेपर आरसी व सिम कार्ड स्टॉक रिटेलरों को डिस्ट्रीब्यूटर्स को वापस करना होगा। दूसरी ओर यूनिनोर ने नए ग्राहकों एवं एयरसेल के पुराने ग्राहकों के लिए नई स्कीम शुरू की है। नए फ‌र्स्ट रिचार्ज कूपन (एफआरसी) में ग्राहकों को 51 रुपये टॉक वैल्यू और 90 दिन तक उत्तर प्रदेश व उत्तराखंड में किसी भी नेटवर्क पर एक पैसे प्रति दो सेकेंड की कॉल सुविधा मिलेगी। यूनिनोर ने इंटरनेट के लिए 90 रुपये में तीन जीबी डाटा, 36 रुपये में 3000 लोकल व एसटीडी एसएमएस तथा फुल से ज्यादा टॉक टाइम का ऑफर निकाला है। 

शस्त्र लाइसेंसों के पक्ष में काशीपुर विधायक हरभजन सिंह चीमा

काशीपुर। ऊधमसिंह नगर के विधायकों ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर पंजाब में बने शस्त्र लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की। बुधवार को विधायक हरभजन सिंह चीमा ने जारी बयान में बताया कि उनके नेतृत्व में रुद्रपुर विधायक राजकुमार ठुकराल, नानकमत्ता विधायक डा. प्रेम सिंह राणा, खटीमा विधायक पुष्कर सिंह धामी, किच्छा विधायक राजेश शुक्ला ने मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा से उनके कार्यालय में मुलाकात की। भाजपा विधायकों के शिष्टमंडल ने ऊधमसिंह नगर में पंजाब राज्य द्वारा बनाए गए शस्त्रों के लाइसेंसों के निरस्तीकरण की कार्रवाई रोकने के लिए प्रस्ताव दिया। विधायक चीमा ने बताया कि ऊधमसिंह नगर के अधिकांश किसानों की खेती योग्य जमीन पंजाब में भी है, जिस कारण उनके शस्त्रों के लाइसेंस पंजाब प्रांत के हैं। इसके अलावा पूर्व फौजी भी पंजाब राज्य में नौकरी करते थे। जिस कारण उनके शस्त्रों के लाइसेंस भी पंजाब राज्य से बने हुए हैं। विधायक चीमा ने मुख्यमंत्री से शासन द्वारा की जा रही कार्रवाई को तत्काल स्थगित करने की मांग की है।

Friday, December 7, 2012

गुरुवार की रात न्यूनतम तापमान 5.5 डिग्री रिकॉर्ड किया गया


काशीपुर : प्रकृति के रंग भी निराले हैं। अबकी पश्चिमी विक्षोभ ने नरमी क्या बरती, पहाड़ के बर्फानी झोंकों से तराई में हाड़ कांपने लगे हैं। मौसम के बदले रुख का नतीजा है कि मैदान में लगातार पारा लुढ़क रहा है। दिसंबर के पहले सप्ताह में ही गुरुवार (बुधवार माध्याह्न बाद) अब तक का सबसे ठंडा दिन रहा। यहां न्यूनतम तापमान 5.5 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया, जो पिछले वर्षो की तुलना में कहीं कम है।
दरअसल, नवंबर आखिर में पश्चिमी विक्षोभ अचानक सक्रिय होने के बाद शांत हो गया था। इससे माना जा रहा था कि तराई व आसपास के मैदानी भूभाग में ठंड देर से दस्तक देगी। मगर पर्वतीय अंचल की ऊंची चोटियों में हिमपात ने मैदान के मौसम का मिजाज ही बदल दिया। पश्चिम उत्तर पश्चिम दिशा से बह रही हवा बर्फानी झोंकों के साथ तराई तक पहुंच रही है। इससे बुधवार की मध्य रात्रि के बाद यानी गुरुवार की रात न्यूनतम तापमान 5.5 डिग्री रिकॉर्ड किया गया, जो पिछले कुछ सालों में सबसे कम है। वहीं अधिकतम तापमान 24 के आसपास चल रहा है।

Thursday, December 6, 2012

सहारा को फरवरी तक लौटानी होगी रकम

उच्चतम न्यायालय ने आज सहारा समूह की कंपनियों को निर्देश दिया कि वे एक बॉन्ड योजना में लगाए गए निवेशकों के 24,000 करोड़ रुपये उन्हें वापस करें। अदालत ने 31 अगस्त को इस योजना को अवैध करार दिया था।
समूह की जिन दो कंपनियों ने फंड जुटाए थे वे 5,120 करोड़ रुपये का डिमांड ड्राफ्ट तत्काल सौंपेंगी और बाकी की रकम दो किस्तों में लौटाएंगी। पहली किस्त 10,000 करोड़ रुपये की होगी जिसका भुगतान जनवरी के पहले हफ्ते में किया जाएगा। यह रकम भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के पास जमा कराई जाएगी। अदालत ने समूह को निवेशकों के दस्तावेज सौंपने के लिए 15 दिनों की मोहलत दी है और कहा है कि अगर भुगतान पर निर्देश का पालन नहीं किया जाता है तो समूह की संपत्तियां जब्त की जा सकती हैं।
मुख्य न्यायाधीश अल्तमश कबीर की अध्यक्षता में तीन न्यायाधीशों के पीठ ने जो फैसला सुनाया है उसके अनुसार दूसरी किस्त फरवरी में दी जानी है। अदालत ने अगस्त में जो फैसला सुनाया था उसके मुताबिक तकरीबन 3 करोड़ निवेशकों को उनका पैसा लौटाने की आखिरी मियाद 30 नवंबर को पूरी हो चुकी है। अदालत ने सहारा की ओर से इस विलंब पर अपनी गहरी नाराजगी जताई है।
आज का फैसला सेबी और एक निवेशक संरक्षण समूह के विरोधों के बीच सुनाया गया जिसमें उन्होंने कहा कि उनकी बात पूरी तरीके से नहीं सुनी गई। सेबी ने आज के फैसले पर सख्त एतराज जताया क्योंकि इस मामले में मुख्य फैसला एक दूसरे पीठ ने दिया था और इसमें फेरबदल का अधिकार उसी को था। न्यायमूर्ति के एस राधाकृष्णन और न्यायमूर्ति के एस खेहर के पीठ ने मुख्य फैसला सुनाया था। सोमवार को यह मसला मुख्य न्यायाधीश के पीठ के सामने उठाया गया था, मगर इसे स्वीकार नहीं किया गया और मुख्य नयायाधीश ने कहा कि उनका पीठ निवेशकों के हितों को ध्यान में रखते हुए यह फैसला सुना रहा है। जब वरिष्ठ अधिवक्ता अरविंद दातार ने सेबी की ओर से आज फिर यही मसला उठाया और अपील की कि अदालत उनकी आपत्ति दर्ज करे तो मुख्य न्यायाधीश ने कहा, 'हम वही दर्ज करेंगे जो हमें दर्ज करने लायक लगता है। जो भी आप कहें हम उसे दर्ज नहीं कर सकते।'
वहीं यूनिवर्सल इनवेस्टर्स एसोसिएशन के वकील विकास सिंह ने कहा कि अदालत ने आश्वासन दिया है कि उसका आदेश निवेशकों के हित को सुरक्षित रखने के लिए है, ऐसे में उनकी बात को सुने बिना फैसला देना उचित नहीं है। पीठ ने इस अपील को नहीं माना और अपना फैसला सुना दिया।
फरवरी में दी जाने वाली दूसरी किस्त कितनी होगी यह स्पष्ट नहीं  है, ऐसे में अदालत के बाहर ये अटकलें लगाई जाने लगी थीं कि इससे अनिश्चितता और बढ़ेगी।

ऑनलाइन मैसेंजर ऐप्लीकेशन 'व्हाट्सऐप' जल्द ही फेसबुक पर

स्मार्ट फोन की दुनिया में लोकप्रिय ऑनलाइन मैसेंजर ऐप्लीकेशन 'व्हाट्सऐप' जल्द ही फेसबुक साइट पर दिखाई दे सकता है। टेक्नोलॉजी वेबसाइट टेकक्रंच के मुताबिक व्हाट्सऐप दुनिया की सबसे बड़ी सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक के साथ सौदे की बात कर चुका है। अभी सौदे के मूल्य और अन्य शर्तों के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई है।

व्हाट्सऐप कई प्लेटफार्म पर सपोर्ट करने वाला मैसेजिंग ऐप्लीकेशन है, जिसके द्वारा यूजर एक-दूसरे को मैसेज, पिक्चर, वीडियो और अन्‍य फाइलें ट्रांसफर कर सकते हैं। अक्‍तूबर 2011 में लांचिंग के बाद अब यह फिलहाल 100 से भी ज्यादा देशों में लोकप्रिय है। इसकी पॉपुलरटी का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि इससे एक दिन में करीब एक करोड़ मैसेज ट्रांसफर किए जाते हैं।

मोबाइल पर उपयोग के हिसाब से फेसबुक मैसेंजर अभी कुछ दिक्कतों का सामना कर रहा है। खासकर वे लोग इसे पसंद नहीं करते जो व्हाट्सऐप तथा अन्य मोबाइल मैसेंजर का इस्तेमाल कर रहे हैं। जिससे फेसबुक मोबाइल प्लेटफॉर्म का पूरा उपयोग नहीं कर पा रहा है। सबसे बड़ी सोशल नेटवर्किंग साइट ने यह निर्णय भविष्‍य को ध्यान में रखकर लिया है।

फेसबुक का मानना है कि भविष्य में कंपनी की ग्रोथ में मोबाइल का अहम हाथ होगा। गौरतलब है कि फेसबुक एक फ्री सर्विस है, व्हाट्सऐप कुछ प्लेटफार्म पर निश्चित अवधि के लिए ही फ्री है और बाद में इसके प्रयोग के लिए भुगतान करना पड़ता है। iOS पर यह एक पेड सर्विस है।