बंद पड़े मोबाइल कनेक्शनों को निष्क्रिय बनाए जाने की पहल मार्च तक पूरी हो सकती है। भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) का मानना है कि गैर-इस्तेमाल वाले मोबाइल कनेक्शनों के लिए डी-ऐक्टिवेटिंग सेवाओं के संबंध में सिफारिशों को मार्च तक अंतिम रूप दे दिया जाएगा।
ट्राई के सचिव राजीव अग्रवाल ने कहा, 'सामान्य तौर पर इसमें डेढ़ महीने का समय लगना चाहिए।Ó पिछले साल दिसंबर में नियामक ने 'नंबरों के गैर-इस्तेमालÓ या 'बंद पड़े सिम कनेक्शनÓ के आधार पर ऑपरेटरों द्वारा ग्राहकों की सेवाओं को मनमाने ढंग से समाप्त किए जाने की समस्या पर बहस शुरू की थी।
ऑपरेटरों द्वारा ट्राई को मुहैया कराई गई जानकारी के अनुसार पूरे देश में लगभग 20 करोड़ बंद सिम हैं जिनका ग्राहकों द्वारा खास अवधि से इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है। हालांकि ये सिम 128.9 करोड़ रुपये के कुल बैलेंस से जुड़़े हुए हैं।
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