Friday, December 14, 2012

'सांप्रदायिकता बढ़ाने के लिए नेता जिम्मेदार'

भारतीय प्रेस परिषद के अध्यक्ष मार्कंडेय काटजू के देश में बढ़ती सांप्रदायिकता के लिए राजनेताओं को दोषी ठहराया है। अलीगढ़ मुसलिम विश्वविद्यालय में गुरुवार को आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि हिंदूओं और मुसलमानों को अलग करने की शुरुआत तो अंग्रेजों ने की पर आजादी के बाद नेताओं ने अपने वोट बैंक के लिए इस खाईं को गहरा कर दिया।
 
उन्होंने कहा कि हिंदुओं और मुसलमानों को विभाजित करने के लिए अंग्रेजों ने पाकिस्तान जैसा कृतिम राज्य बनाया। अब समय आ गया है कि दोनों देशों के लोगों को विचार करना चाहिए कि अंग्रेजों ने अपने फायदे के लिए उनके दिल-दिमाग में एक दूसरे के खिलाफ जहर घोला था। बाद में इसी का फायदा उठा पाकिस्तान बना दिया। लेकिन दुखद सच्चाई यह है कि उनके एजेंटों ने आजादी के बाद भी यह अधम नीति जारी रखी। 

देश में आतंकी घटनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि पुलिस अपराधियों को पकड़ने के बजाय निर्दोष मुसलिम युवकों को पकड़ कर जेल में डाल देती है। क्योंकि ऐसा करना उसके लिए आसान होता है। इसके अलावा एक प्रमुख कारण यह भी है कि अपराध की जांच के लिए हमारी पुलिस के पास न तो मार्डन तकनीक है और न ही आधुनिक उपकरण।

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सभी ई-टॉपअप रिचार्ज पर फुल टॉक टाइम बंद


हल्द्वानी: दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) की सख्ती एवं मोबाइल सेवा प्रदाता कंपनियों की प्रतिस्पद्र्धा ने ग्राहकों के लिए विकल्प खोल दिए हैं। एयरसेल के ई-रिचार्ज, पेपर कूपन व सिम भी अब रिटेलरों से वापस लिए जा रहे हैं।
मंगलवार रात 12 बजे से एयरसेल ने सभी ई-टॉपअप रिचार्ज पर फुल टॉक टाइम बंद कर दिया है। रिटेलरों को जल्द से जल्द ई-टॉपअप का स्टॉक खत्म करने को कहा गया है। यूपी वेस्ट के गो ग्रीन अभियान के अंतर्गत 19 दिसंबर से एयरसेल के सभी पेपर रिचार्ज कूपन ब्लॉक हो जाएंगे। पेपर आरसी व सिम कार्ड स्टॉक रिटेलरों को डिस्ट्रीब्यूटर्स को वापस करना होगा। दूसरी ओर यूनिनोर ने नए ग्राहकों एवं एयरसेल के पुराने ग्राहकों के लिए नई स्कीम शुरू की है। नए फ‌र्स्ट रिचार्ज कूपन (एफआरसी) में ग्राहकों को 51 रुपये टॉक वैल्यू और 90 दिन तक उत्तर प्रदेश व उत्तराखंड में किसी भी नेटवर्क पर एक पैसे प्रति दो सेकेंड की कॉल सुविधा मिलेगी। यूनिनोर ने इंटरनेट के लिए 90 रुपये में तीन जीबी डाटा, 36 रुपये में 3000 लोकल व एसटीडी एसएमएस तथा फुल से ज्यादा टॉक टाइम का ऑफर निकाला है। 

शस्त्र लाइसेंसों के पक्ष में काशीपुर विधायक हरभजन सिंह चीमा

काशीपुर। ऊधमसिंह नगर के विधायकों ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर पंजाब में बने शस्त्र लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की। बुधवार को विधायक हरभजन सिंह चीमा ने जारी बयान में बताया कि उनके नेतृत्व में रुद्रपुर विधायक राजकुमार ठुकराल, नानकमत्ता विधायक डा. प्रेम सिंह राणा, खटीमा विधायक पुष्कर सिंह धामी, किच्छा विधायक राजेश शुक्ला ने मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा से उनके कार्यालय में मुलाकात की। भाजपा विधायकों के शिष्टमंडल ने ऊधमसिंह नगर में पंजाब राज्य द्वारा बनाए गए शस्त्रों के लाइसेंसों के निरस्तीकरण की कार्रवाई रोकने के लिए प्रस्ताव दिया। विधायक चीमा ने बताया कि ऊधमसिंह नगर के अधिकांश किसानों की खेती योग्य जमीन पंजाब में भी है, जिस कारण उनके शस्त्रों के लाइसेंस पंजाब प्रांत के हैं। इसके अलावा पूर्व फौजी भी पंजाब राज्य में नौकरी करते थे। जिस कारण उनके शस्त्रों के लाइसेंस भी पंजाब राज्य से बने हुए हैं। विधायक चीमा ने मुख्यमंत्री से शासन द्वारा की जा रही कार्रवाई को तत्काल स्थगित करने की मांग की है।

Friday, December 7, 2012

गुरुवार की रात न्यूनतम तापमान 5.5 डिग्री रिकॉर्ड किया गया


काशीपुर : प्रकृति के रंग भी निराले हैं। अबकी पश्चिमी विक्षोभ ने नरमी क्या बरती, पहाड़ के बर्फानी झोंकों से तराई में हाड़ कांपने लगे हैं। मौसम के बदले रुख का नतीजा है कि मैदान में लगातार पारा लुढ़क रहा है। दिसंबर के पहले सप्ताह में ही गुरुवार (बुधवार माध्याह्न बाद) अब तक का सबसे ठंडा दिन रहा। यहां न्यूनतम तापमान 5.5 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया, जो पिछले वर्षो की तुलना में कहीं कम है।
दरअसल, नवंबर आखिर में पश्चिमी विक्षोभ अचानक सक्रिय होने के बाद शांत हो गया था। इससे माना जा रहा था कि तराई व आसपास के मैदानी भूभाग में ठंड देर से दस्तक देगी। मगर पर्वतीय अंचल की ऊंची चोटियों में हिमपात ने मैदान के मौसम का मिजाज ही बदल दिया। पश्चिम उत्तर पश्चिम दिशा से बह रही हवा बर्फानी झोंकों के साथ तराई तक पहुंच रही है। इससे बुधवार की मध्य रात्रि के बाद यानी गुरुवार की रात न्यूनतम तापमान 5.5 डिग्री रिकॉर्ड किया गया, जो पिछले कुछ सालों में सबसे कम है। वहीं अधिकतम तापमान 24 के आसपास चल रहा है।

Thursday, December 6, 2012

सहारा को फरवरी तक लौटानी होगी रकम

उच्चतम न्यायालय ने आज सहारा समूह की कंपनियों को निर्देश दिया कि वे एक बॉन्ड योजना में लगाए गए निवेशकों के 24,000 करोड़ रुपये उन्हें वापस करें। अदालत ने 31 अगस्त को इस योजना को अवैध करार दिया था।
समूह की जिन दो कंपनियों ने फंड जुटाए थे वे 5,120 करोड़ रुपये का डिमांड ड्राफ्ट तत्काल सौंपेंगी और बाकी की रकम दो किस्तों में लौटाएंगी। पहली किस्त 10,000 करोड़ रुपये की होगी जिसका भुगतान जनवरी के पहले हफ्ते में किया जाएगा। यह रकम भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के पास जमा कराई जाएगी। अदालत ने समूह को निवेशकों के दस्तावेज सौंपने के लिए 15 दिनों की मोहलत दी है और कहा है कि अगर भुगतान पर निर्देश का पालन नहीं किया जाता है तो समूह की संपत्तियां जब्त की जा सकती हैं।
मुख्य न्यायाधीश अल्तमश कबीर की अध्यक्षता में तीन न्यायाधीशों के पीठ ने जो फैसला सुनाया है उसके अनुसार दूसरी किस्त फरवरी में दी जानी है। अदालत ने अगस्त में जो फैसला सुनाया था उसके मुताबिक तकरीबन 3 करोड़ निवेशकों को उनका पैसा लौटाने की आखिरी मियाद 30 नवंबर को पूरी हो चुकी है। अदालत ने सहारा की ओर से इस विलंब पर अपनी गहरी नाराजगी जताई है।
आज का फैसला सेबी और एक निवेशक संरक्षण समूह के विरोधों के बीच सुनाया गया जिसमें उन्होंने कहा कि उनकी बात पूरी तरीके से नहीं सुनी गई। सेबी ने आज के फैसले पर सख्त एतराज जताया क्योंकि इस मामले में मुख्य फैसला एक दूसरे पीठ ने दिया था और इसमें फेरबदल का अधिकार उसी को था। न्यायमूर्ति के एस राधाकृष्णन और न्यायमूर्ति के एस खेहर के पीठ ने मुख्य फैसला सुनाया था। सोमवार को यह मसला मुख्य न्यायाधीश के पीठ के सामने उठाया गया था, मगर इसे स्वीकार नहीं किया गया और मुख्य नयायाधीश ने कहा कि उनका पीठ निवेशकों के हितों को ध्यान में रखते हुए यह फैसला सुना रहा है। जब वरिष्ठ अधिवक्ता अरविंद दातार ने सेबी की ओर से आज फिर यही मसला उठाया और अपील की कि अदालत उनकी आपत्ति दर्ज करे तो मुख्य न्यायाधीश ने कहा, 'हम वही दर्ज करेंगे जो हमें दर्ज करने लायक लगता है। जो भी आप कहें हम उसे दर्ज नहीं कर सकते।'
वहीं यूनिवर्सल इनवेस्टर्स एसोसिएशन के वकील विकास सिंह ने कहा कि अदालत ने आश्वासन दिया है कि उसका आदेश निवेशकों के हित को सुरक्षित रखने के लिए है, ऐसे में उनकी बात को सुने बिना फैसला देना उचित नहीं है। पीठ ने इस अपील को नहीं माना और अपना फैसला सुना दिया।
फरवरी में दी जाने वाली दूसरी किस्त कितनी होगी यह स्पष्ट नहीं  है, ऐसे में अदालत के बाहर ये अटकलें लगाई जाने लगी थीं कि इससे अनिश्चितता और बढ़ेगी।

ऑनलाइन मैसेंजर ऐप्लीकेशन 'व्हाट्सऐप' जल्द ही फेसबुक पर

स्मार्ट फोन की दुनिया में लोकप्रिय ऑनलाइन मैसेंजर ऐप्लीकेशन 'व्हाट्सऐप' जल्द ही फेसबुक साइट पर दिखाई दे सकता है। टेक्नोलॉजी वेबसाइट टेकक्रंच के मुताबिक व्हाट्सऐप दुनिया की सबसे बड़ी सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक के साथ सौदे की बात कर चुका है। अभी सौदे के मूल्य और अन्य शर्तों के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई है।

व्हाट्सऐप कई प्लेटफार्म पर सपोर्ट करने वाला मैसेजिंग ऐप्लीकेशन है, जिसके द्वारा यूजर एक-दूसरे को मैसेज, पिक्चर, वीडियो और अन्‍य फाइलें ट्रांसफर कर सकते हैं। अक्‍तूबर 2011 में लांचिंग के बाद अब यह फिलहाल 100 से भी ज्यादा देशों में लोकप्रिय है। इसकी पॉपुलरटी का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि इससे एक दिन में करीब एक करोड़ मैसेज ट्रांसफर किए जाते हैं।

मोबाइल पर उपयोग के हिसाब से फेसबुक मैसेंजर अभी कुछ दिक्कतों का सामना कर रहा है। खासकर वे लोग इसे पसंद नहीं करते जो व्हाट्सऐप तथा अन्य मोबाइल मैसेंजर का इस्तेमाल कर रहे हैं। जिससे फेसबुक मोबाइल प्लेटफॉर्म का पूरा उपयोग नहीं कर पा रहा है। सबसे बड़ी सोशल नेटवर्किंग साइट ने यह निर्णय भविष्‍य को ध्यान में रखकर लिया है।

फेसबुक का मानना है कि भविष्य में कंपनी की ग्रोथ में मोबाइल का अहम हाथ होगा। गौरतलब है कि फेसबुक एक फ्री सर्विस है, व्हाट्सऐप कुछ प्लेटफार्म पर निश्चित अवधि के लिए ही फ्री है और बाद में इसके प्रयोग के लिए भुगतान करना पड़ता है। iOS पर यह एक पेड सर्विस है।

Thursday, November 29, 2012

सिलेंडरों की संख्या 12 करने का ड्राफ्ट तैयार कर लिया है


नई दिल्ली. पेट्रोलियम मंत्रालय अगर वित्त मंत्रालय को राजी कर सका तो सस्ते रसोई गैस सिलेंडरों की संख्या 6 से बढ़ाकर 12 की जा सकती है। इस आशय का प्रस्ताव पेट्रोलियम मंत्रालय ने तैयार कर लिया है जो अब राजनीतिक मामलों की कैबिनेट कमिटी के सामने रखा जाएगा। 
 
पेट्रोलियम मंत्रालय के सूत्रों ने भास्कर को बताया कि सिलेंडरों की संख्या 12 करने का ड्राफ्ट तैयार कर लिया है। तेल कंपनियों से भी उनकी राय ले ली गई है। इससे सरकार पर करीब 18,000 करोड़ रुपए का बोझ आएगा। चूंकि मामला इतनी बड़ी धनराशि का है, इसलिए वित्त मंत्रालय की रजामंदी के बाद ही फैसला लिया जा सकेगा। पेट्रोलियम मंत्री ने भास्कर से कहा, 'सब्सिडी वाले गैस सिलेंडर बढ़ाने के लिए पार्टी और कई दूसरे दल भी दबाव डाल रहे हैं। पार्टी नेताओं ने कई सुझाव भी दिए हैं। इस पर मैं मंत्रिमंडल की राजनीतिक समिति में चर्चा करूंगा।' 
 
गौरतलब है कि सब्सिडी वाले केवल 6 रसोई गैस सिलेंडर देने के फैसले के बाद से ही इसका व्यापक विरोध शुरू हो गया था। पार्टी के अंदर भी इस फैसले को वापस लेने की मांग की जा रही थी। कांग्रेस की संवाद बैठक में भी सिलेंडरों की संख्या बढ़ाने का मामला उठा था। 
 
सूत्रों के अनुसार, हर महीने के पहले सप्ताह में बिना सब्सिडी वाले सिलेंडरों के दाम अंतरराष्ट्रीय बाजार के हिसाब से तय करने का अधिकार भी तेल कंपनियों से लिया जा सकता है। इसके बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार के हिसाब से रसोई गैस के दाम पेट्रोलियम मंत्री की अनुमति के बाद ही बढ़ाए जा सकेंगे। केंद्रीय मंत्रिमंडल की राजनीतिक समिति की बैठक जल्द होगी, जिसमें पेट्रोलियम मंत्रालय का यह प्रस्ताव चर्चा का प्रमुख विषय होगा। 
 
कम खपत वाले रसोई गैस चूल्हे देंगे राहत 
 
रसोई गैस की कीमतों में वृद्धि से बेहाल आम आदमी को कम खपत वाले गैस चूल्हे से राहत मिल सकती है। कई कंपनियों ने ऐसे गैस चूल्हे बाजार में उतारे हैं। चूल्हे बनाने वाली कंपनियों ने चूल्हे के थर्मल एफिशिएंसी में सुधार किया है। इससे एलपीजी की खपत 11 फीसदी तक कम हो जाती है। भारतीय मानक विभाग के अनुसार, मानक थर्मल एफिशिएंसी 64 फीसदी है। लेकिन अब बाजार में 68.5 से 71.5 प्रतिशत तक के एफिशिएंसी के चूल्हे उपलब्ध है। एक प्रतिशत थर्मल एफिशिएंसी बढऩे पर डेढ़ प्रतिशत एलपीजी की बचत होती है। सुपर एलपीजी संचालक विनोद अग्रवाल ने कहा कि कंपनी देश में 60 लाख से अधिक 68.5 प्रतिशत एफिशिएंसी वाले चूल्हे बेच चुकी है। 

Sunday, November 25, 2012

रुद्रप्रयाग: ऊखीमठ कुल नुकसान-62 करोड़ अवमुक्त धनराशि-छह करोड़ जख्मों पर नमक

रुद्रप्रयाग: ऊखीमठ त्रासदी को दो माह बीत चुके हैं, लेकिन प्रभावित गांवों की स्थिति जस की तस है। गांवों में आज भी मलबे का ढेर से अटा है। प्रकृति का खौफ भी पीड़ितों के चेहरे पर साफ देखा जा सकता है।
गत 13 सितंबर की रात को ऊखीमठ क्षेत्र में आई तबाही का मंजर आज भी इन गांवों में साफ देखा जा सकता है। दैवीय आपदा को दो महीने से अधिक समय गुजर गया है, लेकिन अभी तक आपदा की छाया यहां साफ देखी जा सकती है। पहले प्रकृति ने इन पर कहर बरवाया, और अब सरकारी सिस्टम ने प्रभावितों के जख्मों पर नमक छिड़कने का काम किया जा रहा है। आज भी बेघर हुए 107 परिवारों को अपना आशियाना नहीं मिल पाया है। पचास से अधिक भवन ऐसे हैं जहां प्रभावित अपने घरों में जाने को तैयार नहीं है, लेकिन प्रशासन के सर्वे में इनका भवन पूर्ण क्षतिग्रस्त ही नहीं दिखाया गया है, अब वह किस्मत और सरकार दोनों को कोस रहे हैं।
जिला प्रशासन ने पूरे प्रभावित क्षेत्र चुन्नी, मंगोली, ब्राहमणखोली, प्रेमनगर, गिरिया आदि में क्षतिग्रस्त भवन, सरकारी योजनाओं, सड़क आदि का कुल आंकलन 62 करोड़ का लगाया है, लेकिन अभी तक सरकारी स्तर पर मात्र छह करोड़ की स्वीकृत हो पाया है। गत गुरुवार को केंद्रीय टीम भी यहां निरीक्षण के लिए पहुंची, लेकिन पीड़ितों के दर्द समझने के बजाय मात्र खानापूर्ति कर चले गए। ऐसे में पीड़ितों की आस भी टूटने लगी है, कि वह फिर से एक बार जीवन की मुख्य धारा में जुड़ सकेंगे।
पीड़ित परिवार-1572
बेघर परिवार-143
लापता-14
कुल नुकसान-62 करोड़
अवमुक्त धनराशि-छह करोड़

सिरसा शहर में क‌र्फ्यू

हरियाणा के सिरसा में सुलह-शाति के तमाम प्रयास के बावजूद डेरा-सिख विवाद शनिवार को हिंसक हो गया। बेकाबू भीड़ ने शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंध कमेटी [एसजीपीसी] के सदस्य संत गुरमीत सिंह तिलोकेवाला व श्री गुरुग्रंथ साहिब सत्कार सभा के प्रधान सुखविंद्र सिंह खालसा की गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया। हमले में संत तिलोकेवाला को गंभीर चोट आई। हमले की खबर के बाद दोनों पक्षों में पत्थरबाजी हुई। हिंसक भीड़ ने एक धार्मिक स्थल में घुसने का प्रयास किया और बाहर खड़े कई वाहनों को आग के हवाले कर दिया। मौके पर फायरिग भी हुई।
नाजुक हालात के बाद जिला प्रशासन को सिरसा शहर में क‌र्फ्यू लगाने का निर्णय लेना पड़ा। घटेभर चली हिसक झड़प में सात-आठ लोग घायल हुए। इनमें तीन डेरा प्रेमी है। दो-तीन पुलिस कर्मचारियों को भी चोट लगी है। घायल संत तिलोकेवाला को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। क्षेत्र में स्थिति तनावपूर्ण, लेकिन नियंत्रण में है। हिंसा की शुरुआत शनिवार अपराह्न साढ़े तीन बजे हुई जब वाल्मीकि चौक पर कुछ लोगों ने संत गुरमीत सिंह तिलोकेवाला और सुखविंद्र सिंह खालसा की गाड़ी पलट दी तथा तोड़फोड़ के बाद उसे आग के हवाले कर दिया। गाड़ियों में दोनों लोग सवार नहीं थे। इसकी सूचना पर दोनों पक्ष के लोग मौके पर पहुंचे और स्थिति लगातार बिगड़ती चली गई।

Saturday, November 24, 2012

आइएएस सिडकुल-2 के लिए निवेश मांगने गया था पोंटी के पास

चर्चित आइएएस सिडकुल-2 के लिए निवेश मांगने गया था पोंटी के पास!

देहरादून, 23 नवम्बर ।-  पोंटी चढ्ढा हत्याकाण्ड के बाद उत्तराखण्ड सरकार में बैठे एक आईएएस का नाम आने के बाद यह आईएएस बचाव की मुद्रा में आ गया है, इतना ही नहीं सूत्रों ने तो यहां तक बताया है कि नाम आने के बाद उसने मुख्यमंत्री को धमकी भी दे डाली है कि वह इस्तीफा दे सकता है। मामले में पोंटी चढ्ढा के साथ करीबी रिश्तों की बात की तस्दीक इस बात से हो जाती है कि खबरनबीशों को मुंह न लगाने वाला यह आईएएस मीडिया मैनेजमेंट में जुट गया है।
    उल्लेखनीय है कि पोंटी चढ्ढा व उसके भाई हरदीप चढ्ढा की उनके फार्म हाउस में हुई गोलीबारी में मौत के बाद राज्य के इस वरिष्ठ नौकरशाह पर भी पोंटी चढ्ढा के करीबी होने की चर्चाएं तैरने लगी थी। चर्चाएं तो यहां तक हैं कि पोंटी चढ्ढा से नजदीकी संबंध रखने वाले इस आईएएस की दिल्ली में मौजूदगी दिल्ली पुलिस द्वारा पोंटी चढ्ढा से घटना से तीन दिन पहले हुई वार्तालाप की कॉल डिटेल से निकल चुकी है। राजधानी देहरादून में हो रही चर्चाओं के अनुसार यह आईएएस मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा की महत्वकांक्षी योजना सिडकुल-2 के लिए पोंटी चढ्ढा से निवेश की बात करने गया था और इनकी मुलाकात दिल्ली के एक पंच सितारा होटल में हुई थी, चर्चा तो यहां तक है यह आईएएस राज्य में खनन व्यवसाय में पोंटी चढ्ढा को तगड़े मुनाफे का सब्जबाग भी दिखा चुका था। यही कारण है कि वर्तमान में पोंटी चढ्ढा के साथ सुखदेव सिहं नामधारी व तराई क्षेत्र के कुछ विधायक चढ्ढा के खनन कार्या में हमराह बन गए थे। चर्चाओं के अनुसार इस पार्टी के फोटो दिल्ली पुलिस के हाथ लग चुके हैं लेकिन पांटी के साथ जहां इस फोटो में सुखदेव सिंह नामधारी दिखायी दिया है वहीं यह चर्चित आइएएस उनसे दूरी पर खड़ा है।
नामधारी की गिरफ्तारी के बाद खुल सकता है आईएएस का चिट्ठा!
    जहां तक पोंटी चढ्ढा के साथ घटना के दौरान मौजूद रहे और पोंटी चढ्ढा की ओर से दिल्ली के छतरपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराने वाले सुखदेव सिंह नामधारी का सवाल है, नामधारी ने शुक्रवार को बाजपुर में एक पत्रकार वार्ता में साफ कर दिया है कि उनको राजनैतिक विद्वेश के चलते फंसाया जा रहा है और वे कहीं भागे नहीं है और न ही वे भूमिगत हुए हैं और उन्होंने साफ कहा है कि वे कहीं छिपे भी नहीं हैं, वहीं नामधारी के इस ताजे बयान के सामने आने के बाद अब यदि दिल्ली पुलिस नामधारी को पूछताछ के लिए हिरासत में लेती है तो ऐसे में नामधारी से पूछताछ के दौरान पोंटी चढ्ढा और प्रदेश के इस चर्चित आईएएस के संबंधों का खुलासा हो सकता है। जहां तक सूत्रों ने जानकारी दी है, यह चर्चित आईएएस ऊंचे पदों पर बैठे राजनेताओं के निर्देशों के पालन करने के तहत पोंटी चढ्ढा से मिलने दिल्ली गया था। यहां यह भी उल्लेखनीय है कि सैफ विंटर गेम्स 2010 सहित महाराणा प्राताप स्टेडियन के अंतर्गत नवनिर्मित आईस रिंग के निर्माण में घोटाले सहित कई अन्य घोटालों में चर्चित रहा यह आईएएस अब उत्तराखण्ड में मुख्य सचिव बनने की जुगत में लगा है। क्योंकि प्रमुख सचिव विनीता कुमार के बाद यह आईएएस प्रोन्नति सूची में सबसे उपर के ग्रेड पर है। इनका मुख्य सचिव बनने में विनीता कुमार ही सबसे बड़ा रोड़ा हैं और वे एक-दो महीने के भीतर सेवानिवृत्त होने वाली हैं, जहां तक मुख्य सचिव आलोक कुमार जैन की बात की जाए तो वें वर्तमान में केंद्र पर प्रतिनियुक्ति पर जाने के लिए आवेदन कर चुके हैं और उनका आवेदन स्वीकार भी हो चुका है, ऐसे में यह चर्चित आईएएस प्रदेश का मुख्य सचिव भी बन जाए इसमें कोई हैरत की बात नहीं। वहीं सूत्रों ने बताया है कि राजधानी में तैनाम ब्यूरोक्रट्स का एक वर्ग यह नहीं चाहता है कि भ्रष्टाचार में लिप्त रहा यह अधिकारी राज्य का मुख्य सचिव बने, लेकिन दबी जुबान से कुछ आईएएस अधिकारी यह कहने से भी नहीं चूकते हैं कि प्रदेश में सत्तारूढ़ दलों के लिए इनसे बढ़ा फण्ड मैनेजर किसी भी सरकार को नहीं मिल सकता।
    पोंटी चढ्ढा मामले में निशाने पर आने के बाद खबरनबीशों से सीधे मुंह बात न करने वाला यह आईएएस बुला-बुलाकर चाय की दावतें ही नहीं दे रहा है, बल्कि उन्हें बड़े-बड़े विज्ञापनों को देने का भी सपने दिखा रहा है, लेकिन मीडिया एक वर्ग राज्य में पनपते भ्रष्टाचार से आजिज़ है और वह यह नहीं चाहता कि किसी भी कीमत पर यह आईएएस प्रदेश का मुख्य सचिव बने।

Tuesday, November 20, 2012

जमीनी विवाद को लेकर हुए आपसी विवाद में 3 लोगो की मौत

काशीपुर में आज गाँव गिनिखेडा में जमीनी विवाद को लेकर हुए आपसी विवाद में 3 लोगो की मौत हो गई जब की पांच घायल हो गए। बाद में काशीपुर में काफी हंगामा रहा और इन तीनो मृतकों की बॉडी को  चौराहे पर रह कर जाम लगा दिया गया। काशीपुर के चारों और बॉर्डर को सील कर दिया गया। बाद में नैनीताल रोड स्थित रेलवे क्रासिंग पर जाम लगा दिया गया। आवास विकास के रस्तोगी नर्सिंग होम के सामने तक जम कर तोड़ फोड़ की गयी। पुलिस ने हलके बल का प्रयोग कर जाम   को खुलवा दिया। स्थानीय और पुलिस प्रशाशन पूरा दिन परेशानी में रहा और शाम को कोतवाली में वार्तालाप का दौर चलता रहा। काशीपुर के एस डी एम् और तहसीलदार का ट्रांसफर कर दिया गया जब की कोतवाल को लाइन हाज़िर कर दिया गया। पूरा दिन चले हाई वोल्टेज ड्रामे के बाद शाम को जाम खुला और गोलीकांड में आरोपी और अन्य 10 के विरुद्ध मुक्कादामा दर्ज करने की सूचना अब तक आ रही है।
दोपहर में जब स्कूल की छूती हुई तो काशीपुर में इस तरह का माहोल था की बच्चे बड़ी मुशिकल से घरों तक पहुंचे और अनेक मांएं अपने बचों के जल्दी घर आने की प्रार्थना करने लगी। शाम तक लोग काफी परेशानी में रहे और शाम तक बच्चे घर तक पहुँच गए तो माँ बाप को चैन पड़ा।
अब भी बच्चे सहमे हुए हैं और शायद ही कल स्कूल जाएँ।
काशीपुर में जो आज माहोल बना आज तक ऐसा माहोल नहीं बना क्योंकि काशीपुर आपसी प्यार का गुलदस्ता है। और ऐसा माहोल बनाने में किसका हाथ था इस की जड़ तक जाने की त्यौहार है।
आयो हम सब मिल कर परार्थना करें कि काशीपुर को किसी की नज़र ना लगे। ज्यादातर बच्चे स्कूल नहीं जायेंगे ऐसे में सभी स्कूल बचों को समाचार  के माध्यम से सूचना देने   की किरपा करें। और हम सब मिल कर अछे काशीपुर के  परार्थना करें।

ट्रक आईआईएम के निकट स्थित बहला नदी के पुल से नीचे गिर गया

काशीपुर। पंजाब से रुद्रपुर इंडस्ट्रियल स्टेट में जा रहा एक दस टायरा बड़ा ट्रक राष्ट्रीय राजमार्ग 74 स्थित बहला नदी के पुल से नदी में गिर गया। हादसे में चालक की मौत हो गई।
सोमवार सुबह साढ़े तीन बजे ट्रक चालक राजविंदर सिंह (45) पुत्र करनैल सिंह निवासी पंजाबी कालोनी शामली (बुद्धनगर) यूपी ट्रक में कागज की रद्दी भरकर पंजाब से इंडस्ट्रीयल स्टेट रुद्रपुर की एक फैक्ट्री जा रहा था। ट्रक राष्ट्रीय राजमार्ग पर आईआईएम के निकट स्थित बहला नदी के पुल से नीचे गिर गया। ट्रक का अगला हिस्सा नदी के तले से टकराने से क्षतिग्रस्त हो गया। जिससे चालक राजविंदर सिंह की मौके पर ही मौत हो गई। क्लीनर सकुशल बच गया उसे चोट तक नहीं आई। सूचना मिलते ही आईटीआई चौकी के सिपाही पदम सिंह ने घटना की पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने बमुश्किल शव को निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। बहला नदी का पुल सिंगल लेन है और इसकी दीवारें भी क्षतिग्रस्त हैं। पहले भी कई वाहन इसमें गिरकर क्षतिग्रस्त हो चुके हैं।

Monday, October 15, 2012

काशीपुर विधायक हरभजन सिंह चीमा आई आई एम् को लेकर राज्यपाल से मिले

काशीपुर के भाजपा विधायक हरभजन सिंह चीमा के नेतृत्व में आए एक शिष्टमंडल ने रविवार को राज्यपाल डा. अजीज कुरैशी से मुलाकात कर उन्हें ज्ञापन सौंपा।
इस ज्ञापन में 29 अप्रैल 2010 को काशीपुर में आइआइएम की आधारशिला  रखे जाने के बाद निर्माणकार्य में विलंब पर चिंता व्यक्त करते हुए निर्माण कार्य में तेजी लाने के लिए राज्यपाल से हस्तक्षेप का अनुरोध किया गया है। राज्यपाल से आज राज्यसभा सांसद तरुण विजय, दून आर्ट सोसाइटी की मोनिका तालुकदार व पार्था प्रतिम कुमार, गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय के डा. महावीर अग्रवाल सहित कई लोगों ने भी मुलाकात की।

काशीपुर विधायक हरभजन सिंह चीमा आई आई एम् को लेकर  राज्यपाल से मिले 

Sunday, October 14, 2012

यह एक और झटका झेलो गैस का

नई दिल्ली। सरकार ने रविवार को कहा कि सब्सिडी वाले गैस सिलेंडर की संख्या वर्ष में छह सीमित करने के फैसले के बाद चालू वित्त वर्ष के बाकी बचे महीनों में प्रत्येक उपभोक्ता को तीन सस्ते सिलेंडर दिये जायेंगे। बाकी सिलेंडर की आपूर्ति बाजार दर पर की जायेगी।
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री जयपाल रेड्डी ने कहा कि तेल एवं गैस के इस बारे में किसी प्रकार का भ्रम नहीं होना चाहिये। सभी उपभोक्ताओं को तीन सिलेंडर सब्सिडी वाले दिये जायेंगे।
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस सचिव जीसी चतुर्वेदी ने कहा कि सितंबर में जिस दिन से सरकार ने यह निर्णय लिया, उस निर्णय के बाद सभी उपभोक्ताओं को वर्ष की शेष अवधि के दौरान तीन सिलेंडर सस्ती दर पर मिलेंगे और शेष बाजार दर पर दिये जायेंगे।
दिल्ली में सब्सिडी वाले सस्ते सिलेंडर का दाम 410 रुपये हो गया है, जबकि बाजार दर पर मिलने वाले सिलेंडर की कीमत कंपनियां हर महीने घोषित करेंगी। फिलहाल यह 900 रुपये के आसपास है।

Tuesday, September 18, 2012

शिक्षक संघर्ष मोर्चा ने अपनी हडताल १५ अक्टूबर तक के लिए स्थगित कर दी

देहरादून,  उत्तराखण्ड अधिकारी, कर्मचारी, शिक्षक संघर्ष मोर्चा ने अपनी हडताल १५ अक्टूबर तक के लिए स्थगित कर दी है। संघर्ष मोर्चा व शासन के मध्य हुए समझौते के अनुसार हडताल पर गए कर्मचारियों के विरूद्ध किसी भी प्रकार की अनुशासनिक कार्यवाही नहीं की जाएगी। हडताल की अवधि के लिए कर्मचारियों को अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाएगा।
गौरतलब है कि मोर्चे के प्रतिनिधियों की मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा से गत दिनों तीन चक्र में वार्ता हुई थी। वार्ता में बनी सहमति के आधार पर हडताल को १५ अक्टूबर तक के लिए स्थगित किया गया है। वर्तमान में टिहरी उपचुनाव के कारण प्रभावी आचार संहिता के समाप्त होने के बाद मामले को
१५ अक्टूबर २०१२ को कैबिनेट में विचार व निर्णय के लिए प्रस्तुत किया
जाएगा। समझौते के अनुसार निसंवर्गीय पदों के सृजन व उन पर नियुक्ति के लिए निर्गत शासनादेशों को चुनौती देने के लिए मा.उच्च न्यायालय में दायर रिट याचिका पर जवाब देने के लिए राज्य सरकार मा.उच्च न्यायालय से प्रतिशपथ पत्र दाखिल करने के लिए तीन सप्ताह का अतिरिक्त समय देने के लिए अनुरोध करेगी ताकि कैबिनेट के निर्णय के पश्चात रिट याचिका में प्रतिशपथ पत्र दाखिल किया जा सके। निसंवर्गीय पदों के सृजन की मानिटरिंग व इन पदों पर नियुक्त कार्मिकों के वेतन आहरण को वित्त विभाग की कम्प्यूटर प्रणाली में लाने के लिए सम्यक निर्देश निर्गत किए जाएंगे। साथ ही निसंवर्गीय पदों के सृजन व उन पर नियुक्ति १५ अक्टूबर २०१२ की कैबिनेट के निर्णय के अधीन रहेगी।
शासन द्वारा हडताल अवधि के लिए संबंधित कर्मी को अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जाएगा। यदि किसी कर्मी को अर्जित अवकाश देय न हो तो उसके द्वारा भविष्य में अर्जित अवकाश से उक्त अवधि को समायोजित किया जाएगा। जिन कर्मचारियों के सेवानिवृत्ति में छः माह से कम अवधि शेष है उनको
हडताल की अवधि के दौरान विशेष उपार्जित अवकाश उतनी अवधि का स्वीकृत किया जाएगा। समझौता पत्र मोर्चा के मुख्य संयोजक एसएस वल्दिया, मुख्य सह संयोजक महेश डोबरियाल व प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री/कार्मिक डीके कोटिया द्वारा हस्ताक्षरित किया गया है।

Saturday, September 1, 2012

वकीलों के तैयार न होने से नहीं हो सकी आचार्य के मामले में बहस

देहरादून। फर्जी डिग्रियों के जरिये पासपोर्ट बनाने के मामले में आचार्य बालकृष्ण व उनके सहयोगी श्री राधा-कृष्ण संस्कृत महाविद्यालय खुर्जा के प्राचार्य नरेश चंद्र द्विवेदी सीबीआइ स्पेशल मजिस्ट्रेट की अदालत में सोमवार को पेश हुए। सीबीआइ वकील चार्जशीट पर बहस करना चाहती थे, मगर आचार्य के वकीलों ने मना कर दिया कि वह अभी बहस को तैयार नहीं हैं। अदालत ने सुनवाई की अगली तिथि सात सितंबर तय की है।
फर्जी डिग्रियों के जरिये पासपोर्ट लेने के आरोप में योगगुरु बाबा रामदेव के करीबी एवं पतंजलि योगपीठ हरिद्वार के महामंत्री आचार्य बालकृष्ण को सीबीआइ ने गत 20 जुलाई को गिरफ्तार किया था। सीबीआइ ने बालकृष्ण व उनके सहयोगी श्री राधाकृष्ण संस्कृत महाविद्यालय खुर्जा, बुलंदशहर के प्राचार्य नरेश चंद्र द्विवेदी पर आरोप-पत्र दाखिल किया था। आरोप है कि आचार्य को फर्जी डिग्रियां द्विवेदी ने ही दिलाई थीं। द्विवेदी को दो हफ्ते बाद कचहरी परिसर से उस समय गिरफ्तार किया गया था, जब वे सरेंडर करने जा रहे थे। आचार्य को हाईकोर्ट से जमानत मिल चुकी है, जबकि द्विवेदी फिलहाल देहरादून जेल में ही हैं। सोमवार को सीबीआइ स्पेशल मजिस्ट्रेट प्रीतू शर्मा की अदालत में बालकृष्ण और द्विवेदी पेश हुए। पेशी के बाद द्विवेदी को वापस जेल ले जाया गया।

चीनी मिल मजदूरो का जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन

रुद्रपुर। गदरपुर चीनी मिल को बंद करने व अन्य को पीपीपी मोड में देने के खिलाफ किसानों व चीनी मिल मजदूरों ने कलक्ट्रेट पर जोरदार प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार के इस निर्णय को किसी दशा में लागू नहीं होने दिया जाएगा।
जिलेभर से किसान व चीनी मिल मजदूर सोमवार को कलक्ट्रेट पहुंचे। वहां उन्होंने नारेबाजी करते हुए धरना दिया। भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष बची सिंह रावत ने प्रदर्शनकारियों की सभा को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार राज्य में यहां के लोगों की भावना के खिलाफ फैसले ले रही है। चीनी मिलों को पीपीपी मोड में देना भी ऐसा ही एक फैसला है। अन्य वक्ताओं ने भी प्रदेश सरकार को आड़े हाथ लिया। बाद में प्रदर्शनकारियों ने राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी बीके संत को दिया। ज्ञापन में कहा गया कि गदरपुर चीनी मिल को बंद करने तथा नादेही, सितारगंज, किच्छा व डोईवाल मिलों को पीपीपी मोड में देने का सरकार ने निर्णय लिया है। यह निर्णय यहां के किसानों व चीनी मिल मजदूरों के हित में नहीं है। चीनी मिलें सरकार की गलत नीतियों के कारण घाटे में हैं, क्योंकि गन्ने व चीनी का दाम सरकार तय करती है। ज्ञापन में बीते दिनों कैबिनेट की बैठक में चीनी मिलों के मामले में लिए गए फैसले पर रोक लगाने की मांग की गई। प्रदर्शन में विधायक राजकुमार ठुकराल, अरविंद पांडे व राजेश शुक्ला, पूर्व सांसद बलराज पासी, भाजपा जिला महामंत्री हितेंद्र त्रिपाठी, राजकुमारी गिरि, किसान नेता चौ. राय सिंह, प्रीतम सिंह, अमित नारंग, जगदीश सिंह, चौ. खिलेंद्र सिंह, करनैल सिंह, राकेश भुड्डी, राजेश गुंबर, पंकज सेतिया, सुरेश कोली, बरीत सिंह, भारत भूषण चुघ, राजेश ग्रोवर आदि शामिल थे।

Sunday, August 26, 2012

उत्तराखण्ड को वेस्ट गु्रप पार्टिसिपेशन के अवार्ड से नवाजा गया

Tourism Exhibition in Ahemadabad win the Award

देहरादून, 26 अगस्त 2012 UPDATE

देहरादून, 26 अगस्त 2012। उत्तराखण्ड राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष सुशीला बलूनी द्वारा अवगत कराया गया है कि 27 अगस्त 2012 को प्रातः 11 बजे से वन विभाग के मंथन सभागार में कानूनी जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने कार्यक्रम से जुड़े सभी अधिकारियों को यथासमय यथास्थान उपस्थित होने के निर्देश दिये हैं।
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देहरादून, 26 अगस्त 2012। विधान सभा क्षेत्र राजपुर रोड के अंतर्गत विभिन्न विकास योजनाओं जैसे मार्गों का सुदृढ़ीकरण/नवीनीकरण, मार्गों पर डेªनेज व्यवस्था, मार्गों का सौन्दर्यीकरण, सब-वे के निर्माण, पार्किंग तथा जलापूर्ति योजनाओं का शिलान्यास एवं लोकार्पण मा. मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा द्वारा 27 अगस्त 2012 (सोमवार) को एमडीडीए काम्पलैक्स निकट घंटाघर में सांय 4 बजे किया जायेगा। इस अवसर पर विधायक राजपुर रोड राजकुमार सहित सभी विभागीय अधिकारी उपस्थित रहेंगे।
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देहरादून, 26 अगस्त 2012। जनपद में स्थापित आपदा कंट्रोल रूम से मिली सूचना के अनुसार पीडब्ल्यूडी साहिया के अनुसार उदपाल्टा उपरोली मोटरमार्ग 2 किमी, साहिया क्वानू मोटरमार्ग 7 किमी, हरिपुर इच्छाड़ी मोटरमार्ग 5 किमी, हइया अलसी मोटरमार्ग 3, 4 से 8 किमी, समर जैन मोटरमार्ग 23, 25 किमी, विजउ क्वाथा मोटरमार्ग 6, 7 किमी, पजेटिलानी चन्दौउ सुपोउ मोटरमार्ग 4, 5 किमी, लोहान बैंड दबड़ी धार 5 से 10 किमी, पजेटिलानी भन्जरा मोटरमार्ग 3, 4, 5, 42 किमी, साहिया पाटन समाल्टा मोटरमार्ग 11, 12 किमी, रानीगांव सम्पर्क मोटरमार्ग 1 से 3 किमी, यमुनापुल हाथीपांववाला मोटरमार्ग 4 से 10 किमी, लकस्यार लुदेरा क्यारी कछटा मोटरमार्ग 6, 8, 10 किमी, सकनी पंजिया मोटरमार्ग 1 से 5 किमी, बोसाण बैण्ड से बोसाण गांव 5 से 10 किमी, बडोवाला जुडडों मोटरमार्ग 5 से 14 किमी, मुंशी घाटी देउ मोटरमार्ग 7 से 14 किमी बंद हैं। सभी बंद मार्गों को खोलने हेतु कार्य प्रगति पर है। सिंचाई विभाग से मिली सूचना के अनुसार प्रातः 8 बजे के रिकार्ड के अनुसार डाकपत्थर बैराज में यमुना का जलस्तर 455.07 मीटर, ऋषिकेश में गंगा का जलस्तर 292.50 मीटर तथा इच्छाड़ी टौंस नदी का जलस्तर 643.20 मीटर है।

Tuesday, August 7, 2012

अनुराधा बाली उर्फ फिजा की सड़ी-गली लाश

चंडीगढ़. अनुराधा बाली उर्फ फिजा की सड़ी-गली लाश (जिसकी ये तस्‍वीरें आपको विचलित कर सकती हैं) मिलने के एक दिन बाद भी उनकी मौत का कोई ठोस सुराग पुलिस के हाथ नहीं लगा है। लेकिन इतना जरूर है कि पुलिस को मामला खुदकुशी का नहीं लग रहा है।

एसएसपी गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने फिजा के घर का मुआयना करने के बाद कहा कि फिलहाल पुलिस को कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। पूरे घर की वीडियो बनवाई गई है। जांच की जा रही है। अब तक कोई फाउल प्ले सामने नहीं आ रहा। लेकिन पुलिस को ऐसा कोई सुबूत भी नहीं मिला जिससे लगे कि फिजा ने खुद मौत को गले लगाया हो। 

कमरे के अंदर शराब का एक पउआ, सिगरेट का एक पैकेट, एक गिलास, खाने का सामान और बबलगम आदि मिला।

फिजा के करीबियों के मुताबिक वह शराब पीती थी, लेकिन सिगरेट नहीं। तो मौके पर मिला सिगरेट का पैकेट किसका है? यह सवाल मौत के रहस्‍य को गहरा कर रहा है।

सवाल और भी हैं। फिजा के गले पर चुन्नी कस के लिपटी हुई थी। फिजा की मौत नींद की गोलियों के ओवरडोज के कारण हुई, तो सोते वक्त गले पर दोहरी चुन्नी कैसे लिपट गई? फिजा के घर का न बाहरी दरवाजा बंद था, न ही ऊपर कोठे का। वह घर पर अकेली रहती थीं, पड़ोसियों से विवाद भी था। ऐसे में घर के दरवाजे बंद किए बगैर उसका शराब पीना संदेह जताता है। फिजा के शव के पास शॉपिंग बैग में नए कपड़े मिले हैं। इनके बिल 1 अगस्त के हैं। दुकानवालों के मुताबिक फिजा के साथ शॉपिंग करने कोई लड़का आया था। वह कौन था?

Saturday, July 28, 2012

बेटा नहीं, बाप होता है नाजायज: एनडी पर रोहित ने साधा निशाना



नई दिल्‍ली. कोर्ट में बुजुर्ग कांग्रेसी नेता एनडी तिवारी के बेटे करार दिए गए रोहित शेखर बॉलीवुड के महानायकअमिताभ बच्चन के बड़े फैन हैं और उनकी सभी फिल्में देखते हैं। उन्होंने कहा कि वह अमिताभ की 'त्रिशूल' फिल्म लगातार देखते रहे। इस फिल्म के उस डायलॉग ने उनके जीवन पर बड़ा असर डाला, जिसमें अमिताभ संजीव कुमार से कहते हैं, ‘तुम मेरे नाजायज बाप हो। रोहित बताते हैं कि उन्हें महसूस होता है, जैसे यह फिल्म उनकी कहानी बयां करती है और वह कल्पना करते हैं कि वह तिवारी से यही डायलॉग बोल रहे हैं।
रोहित कहते हैं कि एनडी तिवारी उनके नाजायज बाप हैं। वह कहते हैं, 'कोई भी मासूम नाजायज कैसे हो सकता है, नाजायज तो वह बाप होता है जिसने बच्‍चे को पैदा किया। तिवारी की कानूनी मुश्किलें तो अब शुरू होने वाली हैं। मैं अपने हर कानूनी अधिकार लूंगा। मां के साथ हुए अन्याय की कीमत चुकानी होगी।' रोहित का कहना है कि लोग तो जायज औलाद का हक पाने के लिए लड़ते हैं, लेकिन दुनिया के शायद वह इकलौते शख्स हैं, जो खुद को जायज औलाद घोषित कराने के लिए अदालत पहुंचे। वह दुनिया को बताना चाहते थे कि एनडी तिवारी ही उनके पिता हैं। रोहित के मुताबिक बचपन बीतने के बाद जब वह बड़े हो रहे थे तो अक्सर अपनी मां पर बरस पड़ते थे कि उन्होंने उनका जीवन बर्बाद कर दिया।

Friday, April 20, 2012

वन पंचायतों को मजबूत बनाया जाय: बहुगुणा

वन पंचायतों को मजबूत बनाया जाय। वन पंचायतों से संबंधित नियमावली को शीघ्र जारी किया जाय। वन गूजरों के विस्थापन संबंधी लंबित प्रकरणों का शीघ्र समाधान किया जाय। अस्कोट और गोविन्द वन्य जीव पशु विहार में स्थानीय लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए शीघ्र ही केन्द्रीय वन पर्यावरण मंत्री से चर्चा की जायेगी। हाथियों के संभावित मूवमेंट पर नजर रखने के लिए वन विभाग को 44 मोबाइल वैन तत्काल उपलब्ध करायी जाय। मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने यह निर्देश गुरूवार को सचिवालय में वन विभाग के कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए विभागीय अधिकारियों को दिये।
मुख्यमंत्री श्री बहुगुणा ने कहा कि राज्य का वन क्षेत्रफल 65प्रतिशत है। उन्होंने कहा कि वन क्षेत्रफल में वृद्धि के लिए कार्य किये जाय। वन पंचायतों को और अधिक मजबूत किया जाय। वन पंचायतों के साथ माह मई में बैठक कराने के भी निर्देश दिये। वन पंचायतों के लंबित सेवा नियमावली को शीघ्र जारी किया जाय। आम जनता से जुड़ी योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू किया जाय। वन विभाग द्वारा दिये जाने वाली मुआवजा राशि में वृद्धि करने संबंधी प्रस्तावों पर शीघ्र कार्यवाही की जाय। मुख्यमंत्री श्री बहुगुणा ने कहा कि ईको टूरिज्म को प्रोत्साहित किया जाय। विभागीय बजट राशि को और बढ़ाया जाय, ताकि विभागीय कार्यों के संपादन में धन की कमी आड़े न आये। कैम्पा योजना को प्रभावी ढंग से लागू किया जाय। इसके लिए समय से प्रस्ताव भेजे जाय। वन्य जीवों पर निगरानी रखने के लिए 44 मोबाइल वाहन तत्काल अधिकारियों को उपलब्ध कराये जाय। मुख्यमंत्री ने सिविल एवं सोयम भूमि से संबंधित प्रकरणों को शीघ्र निपटाया जाय। उन्होंने कहा कि वन भूमि अधिनियम से संबंधित प्रकरणों के शीघ्र निपटारे के लिए लखनऊ स्थित कार्यालय को देहरादून में शीघ्र स्थापित करने के लिए केन्द्रीय वन पर्यावरण मंत्री से मिलेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कार्बन शोषण क्षमता के क्षेत्र में राज्य महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि कार्बन शोषण क्षमता बढ़ाने से राज्य की आय भी बढ़ेगी, जो लोगों के लिए लाभदायक होगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि अस्कोट तथा गोविन्द वन्य जीव पशु विहार में निवास कर रहे स्थानीय निवासियों की समस्याओं के संबंध में एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार शासन को भेजे, ताकि केन्द्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री से चर्चा की जा सके। उन्होंने कहा कि वनाग्नि की रोक थाम के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार की जाय। साथ ही संवेदनशील स्थलों पर टास्क फोर्स गठित की जाय। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड फारेस्ट डेवलपमेंट कारपोरेशन को सक्रिय किया जाय। इसके तहत ईको टूरिज्म आधारित गतिविधियों को प्रोत्साहित किया जाय।

बैठक में प्रमुख वन संरक्षक डॉ. आर.बी.एस.रावत ने कहा कि वन संरक्षण कार्य में महत्वपूर्ण योगदान के लिए केन्द्रीय योजना आयोग द्वारा प्रथम श्रेणी में रखा गया है। पूरे देश उत्तराखण्ड का वन क्षेत्र 1.6 प्रतिशत है, जबकि कार्बन शोषण क्षमता में 7 प्रतिशत का योगदान दे रहा है, जो वन क्षेत्र की अपेक्षा चार गुना है। विभाग द्वारा अब तक 300 लाख मानव दिवस सृजित कर रोजगार के अवसर दिये गये है। 230 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया गया है। राज्य में 6 ईको टास्क फोर्स का गठन किया गया है। बाघों के संरक्षण में कार्य करते हुए बाघों की संख्या बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। 200 महिला नर्सरियां स्थापित की गई है। वन सड़कों को सुदृढ किया गया है। बैठक में प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री उत्पल कुमार सिंह, प्रमुख सचिव नियोजन एम.रामास्वामी, प्रमुख वन संरक्षक वन्य जन्तु एस.एस.शर्मा, प्रबंध निदेशक वन विकास निगम श्रीकांत चंदोला, प्रमुख वन संरक्षक परियोजना बीना शेखरी सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

Friday, April 6, 2012

कम इन्वेस्ट कर अपना बिज़नस कर सकते हैं

बहुत से लोग कम से कम इन्वेस्ट कर अपना बिज़नस करना चाहते हैं परन्तु उनको पता नहीं है की कैसे स्टार्ट करें ऐसे में अगर आपके पास अपना कंप्यूटर है और इन्टरनेट कनेक्शन है तो आप आराम से बहुत ही कम इन्वेस्ट कर अपना बिज़नस कर सकते हैं....सिर्फ मेल करें jobprintingdelhi@gmail.com

Thursday, March 22, 2012

जेल में दिन काटने वाला ही बना जेल मंत्री

उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती के शासनकाल में करीब 26 महीने जेल में गुजारने वाले नेता रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया को सूबे का कारागार मंत्री बनाया गया है. राजा भैया बड़ी साफगोई से कहते हैं कि उन्होंने कभी जेल महकमे की मांग नही रखी थी लेकिन हां मन में यह महकमा पाने की ख्वाहिश जरूर थी.

राजा भैया ने पत्रकारों से बातचीत में मंगलवार देर रात कहा, “जेल महकमा मांगा नहीं था लेकिन मन में यह इच्छा जरूर थी कि यह महकमा मिले तो जेल में बिताए गए अनुभव के आधार पर कैदियों की बेहतरी के लिए कुछ कर सकूं.”

उन्होंने कहा, “मैं जेल की रग-रग से वाकिफ हूं क्योंकि मैं बसपा सरकार के दो कार्यकालों के दौरान 26 महीने जेल में बिता चुका हूं.”

उन्होंने कहा, “जेल में मैंने देखा है कि किस तरह से जुर्माने की रकम न जमा करने की एवज में लोग तय समय से अधिक दिनों तक जेलों में बंद रहते हैं. मेरी कोशिश यही होगी कि जेल में बंद हर कैदी को वे सुविधाएं और अधिकार मिलें जिनके वे हकदार हैं.”

उन्होंने कहा कि जुर्माना अदा नहीं करने की वजह से जेलों में बंद लोगों को बाहर निकालने के लिए गैर सरकारी संगठनों की मदद ली जाएगी.

उन्होंने अपराधियों पर निशाना साधते हुए कहा कि रसूख का इस्तेमाल कर जेलों में नजायज तरीके से सुविधा हासिल करना अब आसान नहीं होगा, इसके लिए कड़े कदम उठाए जाएंगे.

उन्होंने कहा, “जेल मूलत: सुधार गृह होते हैं लेकिन उत्तर प्रदेश में जेलों को यातनागृह में बदल दिया गया है और मुझे यही धारणा बदलनी है. कई बार कैदी इसलिए दम तोड़ देते हैं क्योंकि उन्हें सर्दियों में एक कंबल तक नसीब नहीं होता. खाने के नाम पर जो मिलता है उसका स्तर काफी घटिया होता है.”

राजा भैया के रसूख का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि निर्दलीय विधायक होते हुए भी वह सपा की सरकार में कैबिनेट मंत्री का दर्जा पाने में सफल रहे. मायावती ने अपने कार्यकाल के दौरान राजा भैया के खिलाफ कई कड़े फैसले लिए थे जिनकी वजह से उन्हें जेल जाना पड़ा था.

उत्तर प्रदेश में नए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव उम्मीद की किरण के रूप में देखे जा रहे हैं। जातिगत और सांप्रदायिक राजनीति का गढ़ होने की वजह से देश की सबसे ज्यादा आबादी वाले इस अहम सूबे में काफी समय से वस्तुत: सरकार नाम की कोई चीज थी ही नहीं। चुनाव के दौरान उन्होंने वादा किया कि उनकी सरकार आई तो विकास और उन्नति की बातें होंगी। बदले की राजनीति नहीं होगी, आपराधिक तत्वों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और उनसे से सख्ती से निपटा जाएगा। जनता ने उनकी बातों पर एतबार कर लिया।

यह सब किसी परी कथा जैसा नहीं लगता? अखिलेश को निर्णायक बहुमत मिलने के कुछ दिनों के भीतर ही दावों और वादों की हकीकत सामने आने लगी। समाजवादी पार्टी के जीतते ही उसके समर्थक गुंडागर्दी पर उतर आए। कुछ जगहों से रिपोर्टें आईं कि विजय जुलूस के दौरान समर्थक हथियार लहराते देखे गए। यह एक तरह से चेतावनी थी कि अब हम से मत टकराना। बात यहीं नहीं रुकी। अखिलेश ने समझौता करने की पारंपरिक राजनीति के सामने हथियार डाल दिए और अपनी कैबिनेट में ‘कुंडा का गुंडा’ के नाम से मशहूर बाहुबली कुंवर रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया को शामिल कर लिया।

बात यहीं खत्म हो जाती, तो भी संतोष होता। इससे भी बुरा होना था। मंत्रियों में जब विभागों का बंटवारा हुआ तो राजा भैया को जेल मंत्री बनाया गया। अखिलेश और उनके विचारों के प्रबल समर्थकों के लिए भी यह किसी झटके से कम नहीं था।

राजा भैया का आपराधिकइतिहास रहा है। वह अब भंग हो चुके पोटा कानून के तहत जेल में रहे हैं और उनके घर पर रेड मारने वाले पुलिस ऑफिसर की हत्या के आरोपी हैं। संदेहास्पद परिस्थिति में पुलिस अधिकारी की सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी। सीबीआई अभी भी इस मामले की जांच कर रही है। इसके अलावा भी उनके खिलाफ मुकदमों की लंबी लिस्ट है। इस विधानसभा चुनाव के दौरान राजा भैया ने चुनाव आयोग में जो हलफनामा जमा किया है, उसके मुताबिक उनके खिलाफ लंबित आठ मुकदमों में हत्या की कोशिश, अपहरण और डकैती के मामले भी शामिल हैं। उत्तर प्रदेश गैंगेस्टर ऐक्ट के तहत भी उनके खिलाफ मामला चल रहा है।

अखिलेश लंबे-चौड़े वादे के साथ सत्ता में आए हैं और शासन (सुशासन) के लिए तरस रही सूबे की जनता उनकी ओर उम्मीद भरी निगाह से देख रही है। जैसा कि पड़ोसी राज्य बिहार ने दिखाया है कि वोटर भी अंत में केस और संप्रदाय की राजनीति के बजाय उन्नति और विकास को तरजीह देते हैं।

हो सकता है कि कुछ लोग तर्क दें कि उत्तर प्रदेश जैसे सूबे में जहां प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ आरोप तय किए जाने में जाति और दूसरी बातों का ध्यान रखा जाता है, राजा भैया एक पीड़ित हैं और उनके खिलाफ ज्यादातर मामले झूठे हैं। राजा भैया को कैबिनेट में शामिल किए जाने पर पूछे गए सवाल के जवाब में अखिलेश ने भी यही तर्क दिया। पर, क्या अखिलेश ने यह नहीं सुना है कि सार्वजनिक जीवन जीने वाले और उनके सहयोगियों को शंका से परे होना चाहिए। एक तो दागी को मंत्री बनाया, उस पर से उसे जेलों का इंचार्ज बना दिया। जहां तक लोगों के नजरिए की बात है, तो निश्चित रूप से यह उन्हें पचता नहीं दिख रहा है। और, नजरियों का प्रबंधन बेहद जरूरी है। इसे इस तरह भी समझा जा सकता है कि कल ट्विटर पर मेरी पोस्ट पर किसी ने कॉमेंट किया,’ यह एक चोर को पुलिस का दर्जा देने जैसा है।’

हरीश रावत स्वयं उपस्थित रहेंगे

मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने आज दोपहर बाद सांसद प्रदीप टम्टा के आवास पर श्री टम्टा व केंद्रीय राज्य मंत्री हरीश रावत से भेंट कर प्रदेश की राजनीतिक स्थिति व प्रदेश के विकास के लिए राज्य सरकार की भावी योजनाओं के संबंध में चर्चा कर प्राथमिकताएं तय की। तीनों नेताओं उŸाराखण्ड के संबंध में विस्तृत वार्ता हुई । उन्होंने कहा कि राज्य की जनता ने बड़े विश्वास के साथ सŸाा की बागडोर उन्हें सौंपी है इसलिए प्रदेश के विकास व जनता को राहत पहुंचाने के लिए सभी को मिलजुलकर प्रयास करना होगा। बाद में मौके पर उपस्थित इलेक्ट्रोनिक मीडिया को संयुक्त वक्तव्य देते हुए बताया गया कि सरकार की भावी योजनाओं व कार्ययोजना पर चर्चा के साथ ही सभी मुद्दों पर वरिष्ठ नेताओं में आम सहमति बना ली गई है। 25 मार्च को विधानसभा अध्यक्ष के नामांकन के समय केंद्रीय राज्य मंत्री हरीश रावत स्वयं उपस्थित रहेंगे।

Thursday, January 26, 2012

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